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आबादी के बीच खड़े जर्जर भवन बढ़ा रहे दहशत
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मऊ। निकायों में आबादी के बीच खड़े जर्जर भवन लोगों में दहशत पैदा कर रह हैं। वह भी तब जब बारिश का मौसम सिर पर है। दशकों पुराने इन भवनों की मियाद पूरी हो चुकी है, इसमें अधिकांश खंडहर की शक्ल में बदल चुके हैं। बारिश के मौसम में जर्जर भवन के ढहने की आशंका से लोग दहशत में जी रहे हैं। नगरपालिका सहित निकायों की तरफ से 97 जर्जर भवनों की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी गई है। लेकिन अभी तक ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया अमल में नहीं लाई जा सकी है। जिले में मऊ नगरपालिका सहित नौ नगर पंचायतें हैं। बरसात शुरू हो गई है, लेकिन नगर पालिका तथा निकायों की तरफ से आबादी के बीच दशकों से जर्जर हो चुके भवन हादसे को आमंत्रण दे रहे हैं। इन जर्जर मकानों को चिह्नित करने का कार्य पूरा कर लिया गया है, लेकिन ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं की जा सकी है। ऐसे में जर्जर भवन के ढहने की आशंका से आसपास के लोग दहशत में हैं। जर्जर भवनों पर नजर डाला जाए तो मऊ नगरपालिका में 66, घोसी मेें छह, कोपागंज में छह, मधुबन में एक, चिरैयाकोट में शून्य, दोहरीघाट में पांच, अदरी में शून्य, वलीदपुर में पांच, मुहम्मदाबादगोहना में सात, अमिला में एक सहित कुल 97 जर्जर भवन हैं। इनकी सूची जिला प्रशासन को भेजी जा चुकी है। अधिकारियों की मानें तो निजी भवनों के गिराने के मामले में कई तकनीकी पेंच आ रहे हैं।
पिछले साल नगर पंचायत मधुबन में वार्ड 13 कुर्थीगाढ़ा में एक जर्जर भवन 31 मई को गिर गया था। इसमें महिला माया तथा उसकी पुत्री गुडिया घायल हो गई थी। जान माल का कोई नुकसान नहीं हुआ। इसके अलावा भी नगर पंचायत के वार्ड 12 पांती गली में एक मकान 25 जून की रात गिर गया था। हादसा होने के बाद भी निकायों के आला अधिकारी तथा प्रशासन मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। अपर जिलाधिकारी बीपी सिंह ने बताया कि जर्जर हो चुके मकानों के भवन स्वामियों को नोटिस जारी करने के लिए नगरपालिका सहित समस्त नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। अधिशासी अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
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पिछले साल नगर पंचायत मधुबन में वार्ड 13 कुर्थीगाढ़ा में एक जर्जर भवन 31 मई को गिर गया था। इसमें महिला माया तथा उसकी पुत्री गुडिया घायल हो गई थी। जान माल का कोई नुकसान नहीं हुआ। इसके अलावा भी नगर पंचायत के वार्ड 12 पांती गली में एक मकान 25 जून की रात गिर गया था। हादसा होने के बाद भी निकायों के आला अधिकारी तथा प्रशासन मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। अपर जिलाधिकारी बीपी सिंह ने बताया कि जर्जर हो चुके मकानों के भवन स्वामियों को नोटिस जारी करने के लिए नगरपालिका सहित समस्त नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। अधिशासी अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।

कोपागंज नगर पंचायत में जर्जर भवन।संवाद- फोटो : MAU

मधुबन थाने गेट के समीप नगर पंचायत द्वारा घोषित जर्जर भवन।संवाद- फोटो : MAU
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