{"_id":"f16b4271ab9090a781f062f36951364d","slug":"spiritual-power-is-derived-from-bgwatbkti-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भगवतभक्ति से प्राप्त होती है आध्यात्मिक शक्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भगवतभक्ति से प्राप्त होती है आध्यात्मिक शक्ति
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Thu, 26 Nov 2015 12:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्षेत्र के माधोपुर गांव में चल रहे तीन दिवसीय मानस सम्मेलन में बुधवार को व्यास अखिलेशमणि शांडिल्य ने कहा कि तपस्वियों को राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों से जुड़ना चाहिए ।
ताकि उनकी तपोशक्ति का सदुपयोग देश और समाज हित में हो सके। कहा कि मनुष्य की शरीर पाने का उद्देश्य है मानवता का निर्वहन कराना।
इन्हीं नैतिक गुण-कर्मों के जरिए देश और समाज की सेवा किया जा सकता है। इस राह को अपनाने में काफी-कठिनाई आती हैं। इसका बहादुरी पूर्वक सामना करते हुए सत्कर्म अभियान को संपन्न करने के लिए काफी संघर्ष की आवश्यकता होती है ,जिसके लिए शक्ति चाहिए।
उच्चकोटि की शक्ति आध्यात्मिक शक्ति होती है।जो भगवत्भक्ति से ही प्राप्त होती है । कहा कि समाज से दूर होकर या नाता तोड़कर तपस्वी जीवन अपनाने में मानव जीवन समग्र सार्थकता नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ताकि उनकी तपोशक्ति का सदुपयोग देश और समाज हित में हो सके। कहा कि मनुष्य की शरीर पाने का उद्देश्य है मानवता का निर्वहन कराना।
इन्हीं नैतिक गुण-कर्मों के जरिए देश और समाज की सेवा किया जा सकता है। इस राह को अपनाने में काफी-कठिनाई आती हैं। इसका बहादुरी पूर्वक सामना करते हुए सत्कर्म अभियान को संपन्न करने के लिए काफी संघर्ष की आवश्यकता होती है ,जिसके लिए शक्ति चाहिए।
विज्ञापन
उच्चकोटि की शक्ति आध्यात्मिक शक्ति होती है।जो भगवत्भक्ति से ही प्राप्त होती है । कहा कि समाज से दूर होकर या नाता तोड़कर तपस्वी जीवन अपनाने में मानव जीवन समग्र सार्थकता नहीं।
विज्ञापन