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सातवां वेतनमान 2016 से लागू हो
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
Updated Tue, 19 Sep 2017 11:14 PM IST
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दोहरीघाट स्थित रोडवेज परिसर में मांगों को लेकर प्रदर्शन करते कर्मचारी।
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रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के तत्वावधान में रोडवेज कर्मियों ने मंगलवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दोहरीघाट डिपो परिसर में प्रदर्शन किया। साथ ही जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियाें का कहना था अपना हक लेने तक आंदोलन जारी रखेंगे।
रोडवेज कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जुलूस निकाला। जुलूस में शामिल कर्मचारी पोस्टर बैनर लिए नारेबाजी करते चल रहे थे। जुलूस डिपो परिसर आकर सभा में तब्दील हो गया। वक्ताओं ने कहा कि सातवें वेतनमान को एक जनवरी 2016 से लागू किया जाए। भुगतान पर लगाई गई रोक हटाई जाए। संविदा चालकों/परिचालकों को कर्मचारी भविष्य निधि की कटौती में समान वृद्धि की जाए। संविदा/ दैनिक वेतन भोगी/अंशकालिक कर्मियों का विनियमितीकरण किया जाए। आन ड्यूटी दुर्घटना में घायल होने वाले संविदा चालकों/परिचालकों को नि:शुल्क चिकित्सकीय सुविधा दी जाए। मृतक के आश्रितों को कम से कम पांच लाख आर्थिक सहायता प्रदान किया जाए।
प्रदेश के राष्ट्रीयकृत मार्गाें की संख्या नौ प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत तथा निम्न बसों का बेडा नौ हजार से बढ़ाकर 15 हजार किया जाए। निगम के प्रत्येक नवनिर्मित डिपो स्टेशन पर चालकों/ परिचालकों के लिए शौचालय तथा सुविधायुक्त विश्रामालय की व्यवस्था की जाए। गांवों से तहसील/ जनपद मुख्यालय अथवा शहर को जोड़ने के नाम पर निजी बसों को बढ़ावा न दिया जाए। धरने को हरिकिशोर सिंह, अजय मौर्य, संतेाष सिंह, रामनवल विश्वकर्मा, अजीत सिंह आदि ने संबोधित किया।
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रोडवेज कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जुलूस निकाला। जुलूस में शामिल कर्मचारी पोस्टर बैनर लिए नारेबाजी करते चल रहे थे। जुलूस डिपो परिसर आकर सभा में तब्दील हो गया। वक्ताओं ने कहा कि सातवें वेतनमान को एक जनवरी 2016 से लागू किया जाए। भुगतान पर लगाई गई रोक हटाई जाए। संविदा चालकों/परिचालकों को कर्मचारी भविष्य निधि की कटौती में समान वृद्धि की जाए। संविदा/ दैनिक वेतन भोगी/अंशकालिक कर्मियों का विनियमितीकरण किया जाए। आन ड्यूटी दुर्घटना में घायल होने वाले संविदा चालकों/परिचालकों को नि:शुल्क चिकित्सकीय सुविधा दी जाए। मृतक के आश्रितों को कम से कम पांच लाख आर्थिक सहायता प्रदान किया जाए।
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प्रदेश के राष्ट्रीयकृत मार्गाें की संख्या नौ प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत तथा निम्न बसों का बेडा नौ हजार से बढ़ाकर 15 हजार किया जाए। निगम के प्रत्येक नवनिर्मित डिपो स्टेशन पर चालकों/ परिचालकों के लिए शौचालय तथा सुविधायुक्त विश्रामालय की व्यवस्था की जाए। गांवों से तहसील/ जनपद मुख्यालय अथवा शहर को जोड़ने के नाम पर निजी बसों को बढ़ावा न दिया जाए। धरने को हरिकिशोर सिंह, अजय मौर्य, संतेाष सिंह, रामनवल विश्वकर्मा, अजीत सिंह आदि ने संबोधित किया।
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