दोहरीघाट। सरयू नदी अब लाल निशान छूने को बेताब है। नदी शनिवार को दोपहर में खतरा बिंदु से महज पांच सेटीमीटर नीचे थी। ऐसे में जलस्तर में लगतार वृद्धि से तटवर्ती इलाकों के लोगों में दहशत बढ़ गई है। गौरीशंकर घाट पर शुक्रवार को जलस्तर 69.80 मीटर दर्ज किया गया था जबकि शनिवार को जलस्तर 69.85 मीटर पर रहा। इस तरह चौबीस घण्टे में नदी का जलस्तर पांच सेमी बढ़ा है। प्रचंड लहरों से बंधों पर नदी का दबाव काफी बढ़ गया है। जलस्तर बढ़ने से से ऐतिहासिक धरोहरों मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, दुर्गा मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, डीह बाबा का मंदिर, लोक निर्माण का डाक बंगला, हनुमान मंदिर तथा शाही मस्जिद पर खतरा बढ़ गया है। वहीं तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, नईबाजार, नवली, चिऊटीडांड, पतनई, सरया, बीबीपुर, गोधनी, ठाकुर गांव, गौरीडीह, कोरौली, बेलौली, पाऊस, महुआ बारी, ठीकरहिया, महाबारी, रसूलपुर, सूरजपुर आदि गांवो में पानी घुसने के डर से लोग भयभीत हैं। मधुबन : देवारा क्षेत्र के 30 गांव पानी से घिरे हुए हैं। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में नावों की कमी से लोग मुश्किलों में हैं। अहिरुपुर और लौवासाथ के बीच पुल के नीचे फाटक न लगाने से हाहा नाला का पानी बंधे से दक्षिणी क्षेत्र के दर्जन भर गांवों में फैल गया है। जिससे तिघरा, बिसेन दुबारी, अम्मा भेलउर सहित कई गांवों में बाढ़ के पानी से चकमार्ग और सड़कें डूब गई हैं। उधर, उपजिलाधिकारी लालबाबू दूबे बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया और सुरक्षा कर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। वहीं, समाज सेवी बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्रियों का वितरण भी कर रहे हैं।