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खतरा बिंदु से 95 सेमी ऊपर बह रही नदी
mau news
Updated Sat, 19 Aug 2017 11:31 PM IST
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दोहरीघाट कस्बा में घुसा घाघरा नदी का पानी, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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दोहरीघाट / मधुबन। घाघरा का जलस्तर प्रतिदिन 15 सेमी के हिसाब से बढ़ रहा है जिसके कारण स्थिति काफी भयावह होती जा रही है। नदी खतरा बिंदु से 95 सेमी ऊपर बह रही है। बाढ़ का पानी कस्बे के तीन वार्डों में घुसने से लोग जहां दहशत में है। वहीं संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। मधुबन तहसील में नदी खतरा निशान के ऊपर बहने से अब लोग घरों से पलायन को मजबूर हो रहे है।अपने खून पसीने की कमाई को सुरक्षित जगह पहुचानें में जुट गए है।
दोहरीघाट कस्बे के मल्लाह टोला, दलित बस्ती, भगवानपुरा में पानी घुस जाने से मोहल्लेवासियो में भय व्याप्त है। नालियों की सफाई न होने से पूरी गंदगी लोगो के घरों में जा रहा है। भीषण गंदगी से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। सब कुछ जानते हुए नगर प्रशासन पूरी तरह से बेपरवाह बना है। वहीं मुक्तिधाम पर घाघरा का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है भारत माता मंदिर पर घाघरा की लहरें तेज धारा के साथ टकरा रही हैं। नदी के रौद्र रुप धारण करने से क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर दुर्गा मंदिर, भारतमाता मंदिर आदि पर के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो गौरीशंकरघाट पर जलस्तर 70.85 मीटर रहा। शुक्रवार को जलस्तर 70.70 मीटर रहा। खतरा का निशान से 69.90 मीटर है।
उधर मधुबन तहसील में घाघरा के तटवर्ती इलाको में अब लोगों की समस्या बढ़ने लगी है।जैसे जैसे नदी के बाढ़ का पानी भरता जा रहा है मुसीबत बनती जा रही है। घाघरा के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण अब लोग घरों से पलायन को मजबूर हो रहे हैं। अपने खून पसीने की कमाई को सुरक्षित जगह पहुचाने में जुट गए हैं। जो नावे लगायी गई हैं वह नाकाफी साबित हो रही हैं। सैकड़ों लोगों के बीच एक नाव लगाई गई है जो एक से दो आदमी का सामान लाने में ही उसका पूरा दिन खत्म हो जा रहा है।पानी के लगातार बढ़ने से बंधे के उस पार बसे दर्जनों गांवों का एक दूसरे और रास्ते से संपर्क टूट गया है।लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं।बाढ़ का पानी लोगों के घरों में जाने को बेताब है जबकि कई गांवों में घरोंके पानी दो से चार फुट तक घुस गया है। दियारा में घाघरा के तटवर्ती क्षेत्र में बाढ़ का कहर जारी है। शनिवार की शाम तक चक्की मुसाडोही,परसिया चौहानपुर, गजियापुर छावनी,गोइड़्हा,कुंवरपुर वा, बरोहा, बलुआ,मोलनापुर,बैरकंटा,भगत का पूरा, धुस,मनमन का पूरा, बिशुन का पूरा,पब्बर का पूरा, खैरा, सुंदर का पूरा,धर्मपुर टांडी के तीनों पुरवे, बिंद टोलिया नई बस्ती आदि गांव बाढ़ की जद में आ गए हैं।इन गांवों का संपर्क मार्ग बुरी तरह जल भराव और पानी के तेज बहाव के कारण प्रभावित है।पानी बढ़ने के साथ ही स्कूलों में पानी घुसने लगा है। जिसके कारण दियारा के कई स्कूल बंद कर दिए गए है। हालांकि घाघरा का हाहा नाला पर जल स्तर 61.50 के लगभग शनिवार की शाम को बताया जाता है जो खतरे के निशान से 12 सेमी ऊपर बताया जा रहा है। बढ़ते जलस्तर से अब लोंगो में खौफ की स्थिति बनती नजर आ रही है।लोग अपना सामान भी समेटकर सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे है।जिनके पास सुरक्षित घर है वो तो चले जा रहे है लेकिन जिनके पास बाहर रहने का ठिकाना नहीं है वो मजबूरी में बाढ़ का दंश झेलने को मजबूर है।
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दोहरीघाट कस्बे के मल्लाह टोला, दलित बस्ती, भगवानपुरा में पानी घुस जाने से मोहल्लेवासियो में भय व्याप्त है। नालियों की सफाई न होने से पूरी गंदगी लोगो के घरों में जा रहा है। भीषण गंदगी से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। सब कुछ जानते हुए नगर प्रशासन पूरी तरह से बेपरवाह बना है। वहीं मुक्तिधाम पर घाघरा का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है भारत माता मंदिर पर घाघरा की लहरें तेज धारा के साथ टकरा रही हैं। नदी के रौद्र रुप धारण करने से क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर दुर्गा मंदिर, भारतमाता मंदिर आदि पर के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो गौरीशंकरघाट पर जलस्तर 70.85 मीटर रहा। शुक्रवार को जलस्तर 70.70 मीटर रहा। खतरा का निशान से 69.90 मीटर है।
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उधर मधुबन तहसील में घाघरा के तटवर्ती इलाको में अब लोगों की समस्या बढ़ने लगी है।जैसे जैसे नदी के बाढ़ का पानी भरता जा रहा है मुसीबत बनती जा रही है। घाघरा के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण अब लोग घरों से पलायन को मजबूर हो रहे हैं। अपने खून पसीने की कमाई को सुरक्षित जगह पहुचाने में जुट गए हैं। जो नावे लगायी गई हैं वह नाकाफी साबित हो रही हैं। सैकड़ों लोगों के बीच एक नाव लगाई गई है जो एक से दो आदमी का सामान लाने में ही उसका पूरा दिन खत्म हो जा रहा है।पानी के लगातार बढ़ने से बंधे के उस पार बसे दर्जनों गांवों का एक दूसरे और रास्ते से संपर्क टूट गया है।लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं।बाढ़ का पानी लोगों के घरों में जाने को बेताब है जबकि कई गांवों में घरोंके पानी दो से चार फुट तक घुस गया है। दियारा में घाघरा के तटवर्ती क्षेत्र में बाढ़ का कहर जारी है। शनिवार की शाम तक चक्की मुसाडोही,परसिया चौहानपुर, गजियापुर छावनी,गोइड़्हा,कुंवरपुर वा, बरोहा, बलुआ,मोलनापुर,बैरकंटा,भगत का पूरा, धुस,मनमन का पूरा, बिशुन का पूरा,पब्बर का पूरा, खैरा, सुंदर का पूरा,धर्मपुर टांडी के तीनों पुरवे, बिंद टोलिया नई बस्ती आदि गांव बाढ़ की जद में आ गए हैं।इन गांवों का संपर्क मार्ग बुरी तरह जल भराव और पानी के तेज बहाव के कारण प्रभावित है।पानी बढ़ने के साथ ही स्कूलों में पानी घुसने लगा है। जिसके कारण दियारा के कई स्कूल बंद कर दिए गए है। हालांकि घाघरा का हाहा नाला पर जल स्तर 61.50 के लगभग शनिवार की शाम को बताया जाता है जो खतरे के निशान से 12 सेमी ऊपर बताया जा रहा है। बढ़ते जलस्तर से अब लोंगो में खौफ की स्थिति बनती नजर आ रही है।लोग अपना सामान भी समेटकर सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे है।जिनके पास सुरक्षित घर है वो तो चले जा रहे है लेकिन जिनके पास बाहर रहने का ठिकाना नहीं है वो मजबूरी में बाढ़ का दंश झेलने को मजबूर है।
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