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नहरों में चल रहा मरम्मत कार्य, किसान हो रहे परेश्ाान

Sun, 10 May 2015 11:22 PM IST
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला Updated Sun, 10 May 2015 11:22 PM IST
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Repair work on canals
सिंचाई विभाग की ओर से जरूरत मुताबिक नहर मरम्मत कराए जाने की कार्ययोजना नहीं बनाए जाने का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
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   जायद फसल के पीक आवर में प्रमुख नहरों की मरम्मत कार्य चल रहा है। ऐसे में अधिकांश किसान खेत की तैयारी तक नहीं कर पाए हैं। जो निजी संसाधनों से बुआई की भी है सिंचाई के अभाव में सूख रही है।


परेशान किसानों की शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया जा सका है। इससे किसानों में रोष है।  जिले में कहने को 391 किमी लंबी लंबी तीन प्रमुख नहरें हैं।
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इन नहरों से जुड़ी  70 माइनरें जिले के विभिन्न इलाकों से गुजरी हैं। लेकिन सिंचाई विभाग की ओर से कई सालों से पीक आवर में ही सिल्ट सफाई व मरम्मत कार्य चलने से किसान जायद के फसल की खेती सही ढंग से नहीं कर पा रहे हैं।
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दोहरीघाट पंप कैनाल में इस समय मरम्मत कार्य चल रहा है जो 30 जून तक चलेगा। यही हाल शारदा सहायक खंड का है इस नहर की खुदाई चल रही है।


नहर की खुदाई व मरम्मत कार्य प्रतिवर्ष तो होता है, लेकिन किसानों की जरूरत के समय पानी ही नहीं आता है। दोहरीघाट पंप कैनाल से पानी छोड़कर इतिश्री कर दी जाती है।


खुरहट पंप कैनाल व पकड़ी पंप कैनाल की स्थिति भी ठीक नहीं है। किसानों की मानें तो जिले में कृषि योग्य कुल भूमि 145295.42 हेक्टेयर है।


लेकिन नहर में पानी नहीं आने से नहर एरिया के किसान जायद के फसल तथा धान के नर्सरी के खेत की तैयारी तक नहीं कर पाए हैं।


जिन किसानों ने निजी संसाधनों से बाजरा, तरबूज, ककड़ी, खीरा, लौकी, भिंडी, मूंग, उर्द आदि फसलों की बोआई की है लेकिन सिंचाई के अभाव में फसल सूख रही है।


अघोषित बिजली कटौती के चलते नाम मात्र बिजली मिलने से किसान मायूस हैं। इस संबंध में किसान संजय सिंह, सूर्यभान यादव, रामाश्रय मौर्य, महेंद्र शर्मा, गया यादव आदि किसानाें का कहना था कि नो डिमांड के समय नहर की सफाई तथा मरम्मत कार्य कराने के बजाय पीक आवर में कराया जाता है।




 इससे किसानों को जायद की फसल का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अधिकारियों को अवगत कराए जाने के बाद भी मामले को लटका दिया गया है।



 इस बाबत सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता कैलाश नाथ मिश्र का कहना है कि नहर मरम्मत के लिए शासन से टेंडर अब पास हुआ है। मरम्मत कार्य मई तक पूरा हो जाता है तो पानी छोड़ा जा सकता है।
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