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अतिक्रमण हटाओ मुहिम अधर में
mau
Updated Fri, 11 May 2018 11:28 PM IST
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बस स्टेशन याहिया मार्केट के पास सड़क पर बेतरतीब खड़े किए गए वाहन।
- फोटो : mau
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नगर को जाम से निजात न मिल पाने के पीछे अतिक्रमण भी बहुत बड़ी समस्या है। प्राय: जाम के चलते आवाम परेशान रहती है। यहीं नहीं व्यापारी जितना सामान अपनी दुकानों के अंदर रखते हैं उससे दोगुना वह बाहर सड़क पर रखते हैं। सड़क पर पसरे सामान के कारण चौड़ी रोड भी गलियों में तब्दील हो जाती है।
नगर के मुख्य मार्गों से अतिक्रमण हटाने को लेकर 30 अप्रैल को तहसील कार्यालय के सभागार में एसडीएम ने सभी व्यापारियों की बैठक आयोजित कर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था। साथ ही 10 मई से नगर में अतिक्रमण अभियान चलाने की बात कही थी। लेकिन 12 मई बीतने के बाद भी नगर में न तो व्यापारियों द्वारा अस्थाई अतिक्रमण को हटाया गया न ही प्रशासन द्वारा अभियान चलाया गया। बताया जा रहा है कि एसडीएम के अंडर ट्रांसर्फर प्रक्रिया के चलते अतिक्रमण अभियान नहीं चलाया जा रहा है।
घोसी बाजार में पांच सौ से ज्यादा दुकानें हैं, इसके अलावा नगर के मधुबन मोड़, मधुबन रोड, मझवारा मोड़ बाजार में भी दुकानें हैं। मुख्य मार्ग होने के चलते यहां आवागमन हमेशा बना रहता है लेकिन इन मार्गों पर व्यापारियों द्वारा दुकानों के बाहर रखे सामानों से अस्थाई अतिक्रमण के साथ ठेले और सवारी वाहनों के मार्ग पर आड़े- तिरछे खड़े होने से 80 फीट का चौड़ा मार्ग भी संकरा हो जाता है। इसके चलते जाम की समस्या आए दिन बनी रहती है। जिससे मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को रेंग-रेंग कर निकलने को मजबूर होना पड़ता है। अतिक्रमण की समस्या को लेकर कई बार नगर के समाजसेवियों द्वारा प्रशासन को अवगत भी कराया जा चुका है। बीते 30 अप्रैल 2018 को नगर को अतिक्रमण की समस्या से निस्तारण दिलाने के उदेश्य से एसडीएम डॉ. राजेश कुमार की अध्यक्षता में तहसील कार्यालय के सभागार में व्यापारियों की बैठक हुई थी। जिसमें एसडीएम ने सभी व्यापारियों से अपील की थी कि 9 मई तक अपने अपने द्वारा किए गए अतिक्रमण हटा लें, साथ ही दूसरे लोगों को अतिक्रमण हटाने के लिए प्रेरित करें।
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जिससे प्रशासन द्वारा 10 मई से चलाए जाने वाले अतिक्रमण हटाओ अभियान में कोई परेशानी न हो। लेकिन 12 मई बीतने के बाद भी प्रशासन की ओर से न तो अतिक्रमण अभियान हटाया गया, न ही व्यापारियों के साथ दूसरे लोगों पर एसडीएम के समझाने का असर दिखा। आलम यह है कि वर्तमान में नगर के मुख्य बाजार के साथ दूसरे बाजारों में स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस बाबत एसडीएम डॉ. राजेश कुमार का कहना था कि उनके द्वारा अभियान शुरू करने के लिए पूरी तैयारी की जा चुकी थी, लेकिन अभियान चलाने से पूर्व उनका तबादला कर दिया गया है। इससे अतिक्रमण अभियान को नहीं शुरू किया जा सका।
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नगर के मुख्य मार्गों से अतिक्रमण हटाने को लेकर 30 अप्रैल को तहसील कार्यालय के सभागार में एसडीएम ने सभी व्यापारियों की बैठक आयोजित कर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था। साथ ही 10 मई से नगर में अतिक्रमण अभियान चलाने की बात कही थी। लेकिन 12 मई बीतने के बाद भी नगर में न तो व्यापारियों द्वारा अस्थाई अतिक्रमण को हटाया गया न ही प्रशासन द्वारा अभियान चलाया गया। बताया जा रहा है कि एसडीएम के अंडर ट्रांसर्फर प्रक्रिया के चलते अतिक्रमण अभियान नहीं चलाया जा रहा है।
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घोसी बाजार में पांच सौ से ज्यादा दुकानें हैं, इसके अलावा नगर के मधुबन मोड़, मधुबन रोड, मझवारा मोड़ बाजार में भी दुकानें हैं। मुख्य मार्ग होने के चलते यहां आवागमन हमेशा बना रहता है लेकिन इन मार्गों पर व्यापारियों द्वारा दुकानों के बाहर रखे सामानों से अस्थाई अतिक्रमण के साथ ठेले और सवारी वाहनों के मार्ग पर आड़े- तिरछे खड़े होने से 80 फीट का चौड़ा मार्ग भी संकरा हो जाता है। इसके चलते जाम की समस्या आए दिन बनी रहती है। जिससे मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को रेंग-रेंग कर निकलने को मजबूर होना पड़ता है। अतिक्रमण की समस्या को लेकर कई बार नगर के समाजसेवियों द्वारा प्रशासन को अवगत भी कराया जा चुका है। बीते 30 अप्रैल 2018 को नगर को अतिक्रमण की समस्या से निस्तारण दिलाने के उदेश्य से एसडीएम डॉ. राजेश कुमार की अध्यक्षता में तहसील कार्यालय के सभागार में व्यापारियों की बैठक हुई थी। जिसमें एसडीएम ने सभी व्यापारियों से अपील की थी कि 9 मई तक अपने अपने द्वारा किए गए अतिक्रमण हटा लें, साथ ही दूसरे लोगों को अतिक्रमण हटाने के लिए प्रेरित करें।
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जिससे प्रशासन द्वारा 10 मई से चलाए जाने वाले अतिक्रमण हटाओ अभियान में कोई परेशानी न हो। लेकिन 12 मई बीतने के बाद भी प्रशासन की ओर से न तो अतिक्रमण अभियान हटाया गया, न ही व्यापारियों के साथ दूसरे लोगों पर एसडीएम के समझाने का असर दिखा। आलम यह है कि वर्तमान में नगर के मुख्य बाजार के साथ दूसरे बाजारों में स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस बाबत एसडीएम डॉ. राजेश कुमार का कहना था कि उनके द्वारा अभियान शुरू करने के लिए पूरी तैयारी की जा चुकी थी, लेकिन अभियान चलाने से पूर्व उनका तबादला कर दिया गया है। इससे अतिक्रमण अभियान को नहीं शुरू किया जा सका।