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पीएचसी पर ताला बंद, ग्रामीणों का प्रदर्शन
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स्वास्थ्य केंद्र पर ताला देख भड़के ग्रामीण, प्रदर्शन
पीएचसी अईलख का सुबह 10 बजे तक नहीं खुला ताला
संवाद न्यूज एजेंसी
हलधरपुर। रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अइलख का बुधवार की सुबह 10 बजे तक ताला नहीं खुला। जिसको लेकर ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र के बाहर प्रदर्शन किया। चेताया कि यदि हालात नहीं सुधरे तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे।
अईलख निवासी बिहारी यादव का कहना है कि चिकित्सालय का ताला अक्सर लेट ही खुलता है। जिस कारण इलाज और दवाइयों के लिए काफी परेशान होना पड़ता है। विजय शंकर मिश्रा का कहना है कि आए दिन डाक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों के नदारद रहने के कारण परेशानी होती है। विजय शंकर मिश्रा, मनोज सिंह, भोला तथा प्रेमानंद यादव का कहना है कि चिकित्सालय में लगा हैंडपप भी काफी समय से दूषित पानी दे रहा है। अस्पताल के परिसर में गंदगी और घास-फूस का अंबार है। इस स्वास्थ्य केंद्र पर बड़ागांव, महार, तरवां, बिलौझा, सेमराजपुर, मलपुर के साथ 12 से अधिक गांवों के लोग इलाज कराने आते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लापरवाही के कारण लोगों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। चेताया कि यदि समस्या का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन को बाध्य होंगे।
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स्वास्थ्य केंद्र पर ताला देख भड़के ग्रामीण, प्रदर्शन
पीएचसी अईलख का सुबह 10 बजे तक नहीं खुला ताला
संवाद न्यूज एजेंसी
हलधरपुर। रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अइलख का बुधवार की सुबह 10 बजे तक ताला नहीं खुला। जिसको लेकर ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र के बाहर प्रदर्शन किया। चेताया कि यदि हालात नहीं सुधरे तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे।
अईलख निवासी बिहारी यादव का कहना है कि चिकित्सालय का ताला अक्सर लेट ही खुलता है। जिस कारण इलाज और दवाइयों के लिए काफी परेशान होना पड़ता है। विजय शंकर मिश्रा का कहना है कि आए दिन डाक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों के नदारद रहने के कारण परेशानी होती है। विजय शंकर मिश्रा, मनोज सिंह, भोला तथा प्रेमानंद यादव का कहना है कि चिकित्सालय में लगा हैंडपप भी काफी समय से दूषित पानी दे रहा है। अस्पताल के परिसर में गंदगी और घास-फूस का अंबार है। इस स्वास्थ्य केंद्र पर बड़ागांव, महार, तरवां, बिलौझा, सेमराजपुर, मलपुर के साथ 12 से अधिक गांवों के लोग इलाज कराने आते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लापरवाही के कारण लोगों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। चेताया कि यदि समस्या का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन को बाध्य होंगे।
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