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गुजर गई ट्रेन, नहीं खुला टिकटघर
ब्यूरो/ अमर उजाला, मऊ
Updated Sun, 27 Mar 2016 12:06 AM IST
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रतनपुरा में शुक्रवार की रात नही खुला टिकट काउंटर, उत्सर्ग एक्सप्रेस ट्रेन के लिए टिकट के लिए कतार में खड़े यात्री।
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ब्लाक मुख्यालय स्थित रतनपुरा रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्था का बोलबाला है। यहां समय से टिकट खिड़की न खुलने से यात्रियों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। शनिवार की सुबह 4:20 पर उत्सर्ग डाउन एक्सप्रेस स्टेशन पर रुकी और 4:22 पर गुजर भी गई, लेकिन टिकट खिड़की नहीं खुली। परेशान कई यात्रियों को जहां यात्रा निरस्त करनी पड़ी। वहीं कई यात्री बेटिकट ही ट्रेन में चढ़ गए। परेशान लोगों ने रेल मंत्री को पत्र भेजकर मामले की शिकायत करने की बात कही है।
बलिया-मऊ रेल मार्ग पर रतनपुरा प्रमुख स्टेशन है। यहां से सैकड़ों लोग मऊ, बलिया, वाराणसी सहित विभिन्न महानगरों की यात्रा करते हैं। बावजूद रेलवे स्टेशन पर रेलकर्मियों की मनमानी से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। यात्रियों की मानें तो शनिवार को तड़के उत्सर्ग डाउन एक्सप्रेस आने के काफी पहले से ही टिकट के लिए लाइन में खड़े रहे। लेकिन टिकट खिड़की नहीं खुली। परेशान कई यात्री तो लौट गए तो कई लोग बिना टिकट लिए ही ट्रेन में चढ़ गए। खिड़की पर टिकट लेने के िलए खड़े यात्री प्रेम चौहान, मुन्ना शर्मा, शिवचंद प्रसाद का कहना है कि रेलकर्मियों के मनमाने रवैए से हम लोग तंग आ गए हैं। रात के समय तो रेलकर्मी टिकट खिड़की खोलते ही नहीं हैं।
उत्सर्ग डाउन एक्सप्रेस के आने के आधा घंटे पूर्व से ही टिकट के लिए इंतजार करते रहे, लेकिन टिकट खिड़की नहीं खुली। टिकट न मिलने से यात्रा निरस्त करनी पड़ी। विभागीय कर्मचारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैए से रेलवे के राजस्व को चूना भी लग रहा है। आए दिन टिकट खिड़की समय से न खुलने की समस्या आती है। विभागीय अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। हरिविलास, श्रीराम प्रसाद ने मामले की जांच कर लापरवाह रेल कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
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रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर जेएन पाठक का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं आया है। कोई शिकायती पत्र नहीं मिला है। यात्रियों की लिखित शिकायत मिलती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संस्तुति विभागीय अधिकारियों को भेजी जाएगी।
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बलिया-मऊ रेल मार्ग पर रतनपुरा प्रमुख स्टेशन है। यहां से सैकड़ों लोग मऊ, बलिया, वाराणसी सहित विभिन्न महानगरों की यात्रा करते हैं। बावजूद रेलवे स्टेशन पर रेलकर्मियों की मनमानी से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। यात्रियों की मानें तो शनिवार को तड़के उत्सर्ग डाउन एक्सप्रेस आने के काफी पहले से ही टिकट के लिए लाइन में खड़े रहे। लेकिन टिकट खिड़की नहीं खुली। परेशान कई यात्री तो लौट गए तो कई लोग बिना टिकट लिए ही ट्रेन में चढ़ गए। खिड़की पर टिकट लेने के िलए खड़े यात्री प्रेम चौहान, मुन्ना शर्मा, शिवचंद प्रसाद का कहना है कि रेलकर्मियों के मनमाने रवैए से हम लोग तंग आ गए हैं। रात के समय तो रेलकर्मी टिकट खिड़की खोलते ही नहीं हैं।
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उत्सर्ग डाउन एक्सप्रेस के आने के आधा घंटे पूर्व से ही टिकट के लिए इंतजार करते रहे, लेकिन टिकट खिड़की नहीं खुली। टिकट न मिलने से यात्रा निरस्त करनी पड़ी। विभागीय कर्मचारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैए से रेलवे के राजस्व को चूना भी लग रहा है। आए दिन टिकट खिड़की समय से न खुलने की समस्या आती है। विभागीय अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। हरिविलास, श्रीराम प्रसाद ने मामले की जांच कर लापरवाह रेल कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
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रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर जेएन पाठक का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं आया है। कोई शिकायती पत्र नहीं मिला है। यात्रियों की लिखित शिकायत मिलती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संस्तुति विभागीय अधिकारियों को भेजी जाएगी।