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Mau : परिवार परामर्श में आए 54 मामलों में 14 का हुआ निस्तारण, पीड़ित पक्ष ने लगाई गुहार
Sun, 02 Feb 2025 05:04 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Sun, 02 Feb 2025 05:04 PM IST
सार
परिवार परामर्श के तहत मऊ में कुल 54 मामले आए जिसमें 14 का निस्तारण हुआ। बताते चलें कि इस दौरान पीड़ित पक्ष ने अपनी समस्याओं को लेकर गुहार लगाई और निस्तारण की मांग की।
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परामर्श बैठक में समस्या सुनते अधिकारी
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
तीन माह पहले निकाह हुआ था तो स्वतंत्रता के न जाने कितने सपना देखा था, लेकिन मेरा पति हर छोटी सी छोटी बातों पर अपनी अम्मी के बिना पूछे कोई काम नहीं करता है। मुझे अपने शौहर के वजह से हर दिन झुकना पड़ रहा है। यह गुहार नगर के दक्षिणटोला थाना क्षेत्र निवासी एक महिला ने रविवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित परिवार परामर्श की बैठक में सदस्यों के समक्ष लगाई।
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महिला ने बताया कि निकाह के कुछ दिन तक सब कुछ ठीक रहा लेकिन उसके बाद से वह अपने शौहर के हर वक्त अम्मी-अम्मी से तंग आ चुकी है। वहीं मौजूद महिला की सास ने बताया के जरुरत पड़ने पर बहू को हाथ से खिलाती है, इसको मेरे बेटे के आज्ञाकारी होने के अलावा कोई कष्ट भी नहीं है।बस उसकी बहू की मर्जी है कि उसका शौहर हमेशा मां मां न करे।
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ब्यूरो के सदस्यों ने इस संबंध में समझाने की कोशिश की, लेकिन न समझने पर अगली तारिख तय की।वहीं इस दौरान एक अन्य मामला आया जिसमें एक युवती ने बताया कि वह तीन माह से एक युवक के साथ लिविंग रिलेशनशिप में उसके घर पर थी। बताया कि किसी बात पर उसका युवक से कहासुनी हुई तो वह अपने घर चली गई। आरोप लगाया कि युवक की मॉ शादी करने से इंकार रही है।
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सदस्यों ने दोनों पक्ष को समझाकर मामले के निस्तारण के लिए समझाया।इससे पहले सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक 54 मामले आए, इसमें 14 मामलों का निस्तारण किया गया। वहीं छह दंपतियों ने आपसी गिले शिकवे भुलाकर एक साथ रहने को तैयार हुए।जबकि एक मामले में सदस्यों ने मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया तो सात मामले पक्षकारों की उदासीनता अथवा मर्जी से बंद कर दिया गया।
जबकि 40 मामलों में अगली तारीख तय की गई।बैठक में सदस्य अर्चना उपाध्याय, सर्वेश दूबे, शाहिद पैरिस, मौलवी अरशद मौजूद रहे।