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Mau News: अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास
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मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो दीपनारायण तिवारी ने 14 साल पूर्व दीवानी कचहरी के अधिवक्ता अफजल अली की हत्या के मामले में 13 आरोपियों में से सुनवाई के बाद शुक्रवार को अजीत यादव और धर्मेंद्र कुमार को दोषी पाया। अधिवक्ता की तहसील सदर के पास गोली मारकर हत्या की गई थी। दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा के साथ ही एक पर 10 हजार रुपये व दूसरे पर 11 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड जमा हो जाने पर 20 हजार रुपये मृतक की अधिवक्ता की पत्नी जहांआरा को देने का आदेश दिया।
एक आरोपी पंकज यादव की सुनवाई के दौरान मौत हो जाने के चलते उसके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी। वहीं 10 आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए आरोपमुक्त कर दिया। मामला मऊ कोतवाली नगर क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार मऊ कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ला मुंशीपुरा निवासी शौकत अली की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें मुहल्ला मुंशीपुरा निवासी अधिवक्ता असलम उर्फ नन्हे पर हत्या कराने का आरोप लगाते हुए नामजद किया। वादी का कहना था कि उनके सगे भाई अधिवक्ता अफजल अली दीवानी कचहरी मऊ में थे।
उनके भाई अफजल अली को 9 अक्तूबर 2012 की सुबह 11 बजे तहसील सदर के पास अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। उनके भाई असलम अली उर्फ नन्हे के खिलाफ हत्या के मुकदमे की पैरवी करते थे। उसी ने साजिशन उनके भाई की हत्या कराई है। पुलिस ने विवेचना के बाद मऊ कोतवाली नगर के मुंशीपुर मोहल्ला निवासी असलम अली उर्फ नन्हे, मुंशीपुरा नई बस्ती निवासी शमशुद्दीन, अशफाक अहमद, नई बस्ती बुलाकीपुरा निवासी नसीम, मोबीन हट्ठीमदारी निवासी अफजल अलंकार, मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली के बंदीकला निवासी अमीर हम्जा, दक्षिण टोला थाना के हकीकतपुरा निवासी संजय यादव, रानीपुर थाना के दसवारी मखुनी निवासी पंकज यादव, ताहिरपुर निवासी अजीत यादव, आजमगढ़ जिले के थाना कोतवाली के करीमुद्दीनपुर निवासी प्रमोद गोंड, जीयनपुर कोतवाली के अजमतगढ़ निवासी धर्मेंद्र कुमार के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
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न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने कुल 8 गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी अजीत यादव और धर्मेंद्र कुमार को हत्या में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा के साथ ही अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर 2-2 साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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एक आरोपी पंकज यादव की सुनवाई के दौरान मौत हो जाने के चलते उसके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी। वहीं 10 आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए आरोपमुक्त कर दिया। मामला मऊ कोतवाली नगर क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार मऊ कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ला मुंशीपुरा निवासी शौकत अली की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें मुहल्ला मुंशीपुरा निवासी अधिवक्ता असलम उर्फ नन्हे पर हत्या कराने का आरोप लगाते हुए नामजद किया। वादी का कहना था कि उनके सगे भाई अधिवक्ता अफजल अली दीवानी कचहरी मऊ में थे।
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उनके भाई अफजल अली को 9 अक्तूबर 2012 की सुबह 11 बजे तहसील सदर के पास अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। उनके भाई असलम अली उर्फ नन्हे के खिलाफ हत्या के मुकदमे की पैरवी करते थे। उसी ने साजिशन उनके भाई की हत्या कराई है। पुलिस ने विवेचना के बाद मऊ कोतवाली नगर के मुंशीपुर मोहल्ला निवासी असलम अली उर्फ नन्हे, मुंशीपुरा नई बस्ती निवासी शमशुद्दीन, अशफाक अहमद, नई बस्ती बुलाकीपुरा निवासी नसीम, मोबीन हट्ठीमदारी निवासी अफजल अलंकार, मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली के बंदीकला निवासी अमीर हम्जा, दक्षिण टोला थाना के हकीकतपुरा निवासी संजय यादव, रानीपुर थाना के दसवारी मखुनी निवासी पंकज यादव, ताहिरपुर निवासी अजीत यादव, आजमगढ़ जिले के थाना कोतवाली के करीमुद्दीनपुर निवासी प्रमोद गोंड, जीयनपुर कोतवाली के अजमतगढ़ निवासी धर्मेंद्र कुमार के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
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न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने कुल 8 गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी अजीत यादव और धर्मेंद्र कुमार को हत्या में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा के साथ ही अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर 2-2 साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।