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उपचार न होने पर अस्पताल में बवाल
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Mon, 07 Sep 2015 12:06 AM IST
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जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में शनिवार की रात एक मरीज का उपचार नहीं होने पर लोगों ने जमकर बवाल किया। घटना की जानकारी मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट जिला अस्पताल पहुंचे। लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। साथ ही चिकित्सक को भी जरूरी निर्देश दिए।
शनिवार की रात मरीज सुशील कन्नौजिया निवासी भीटी हनुमान नगर थाना कोतवाली को लेकर प्रदेश सचिव समाजवादी छात्रसभा खुशहाल सिंह, खुर्शीद आलम, विक्की गुप्ता जिला अस्पताल पहुंचे।
इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर डा. मनोज पांडेय मौजूद थे। सुशील को लेकर पहुंचे लोगों ने उनसे उसकी स्थिति के बारे में बताया। लेकिन चिकित्सक ने कोई उपचार शुरू नहीं किया। इसपर सुशील को लेकर पहुंचे लोग भड़क गए। बवाल करने लगे।
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इसी दौरान चिकित्सक के व्यवहार से गुस्साए लोगों ने वार्ड में जाकर पता किया तो आधा घंटे पूर्व बुखार से पीड़ित लड़की भर्ती हुई थी। लेकिन उसके इलाज के लिए भी चिकित्सक ने कोई व्यवस्था नहीं की थी।
बवाल की सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट अमरनाथ राय जिला अस्पताल पहुंचे। समाजवादी छात्रसभा के प्रदेश सचिव खुशहाल सिंह ने सिटी मजिस्ट्रेट को बताया कि जब वे मरीज को लेकर पहुंचे तो डाक्टर ने उसे देखने से मना कर दिया। कहा कि मैं आंख का डाक्टर हूं।
जिस पर साथ में आए लोग गुस्से में आ गए। सिटी मजिस्ट्रेट अमरनाथ राय ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। इस संबंध में चिकित्सक नेत्र रोग विशेषज्ञ मनोज पांडेय ने बताया कि जिला अस्पताल में कोई भी ईएनटी रोग विशेषज्ञ नही है। ऐसे में मरीज को कैसे देखा जा सकता है।
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शनिवार की रात मरीज सुशील कन्नौजिया निवासी भीटी हनुमान नगर थाना कोतवाली को लेकर प्रदेश सचिव समाजवादी छात्रसभा खुशहाल सिंह, खुर्शीद आलम, विक्की गुप्ता जिला अस्पताल पहुंचे।
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इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर डा. मनोज पांडेय मौजूद थे। सुशील को लेकर पहुंचे लोगों ने उनसे उसकी स्थिति के बारे में बताया। लेकिन चिकित्सक ने कोई उपचार शुरू नहीं किया। इसपर सुशील को लेकर पहुंचे लोग भड़क गए। बवाल करने लगे।
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इसी दौरान चिकित्सक के व्यवहार से गुस्साए लोगों ने वार्ड में जाकर पता किया तो आधा घंटे पूर्व बुखार से पीड़ित लड़की भर्ती हुई थी। लेकिन उसके इलाज के लिए भी चिकित्सक ने कोई व्यवस्था नहीं की थी।
बवाल की सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट अमरनाथ राय जिला अस्पताल पहुंचे। समाजवादी छात्रसभा के प्रदेश सचिव खुशहाल सिंह ने सिटी मजिस्ट्रेट को बताया कि जब वे मरीज को लेकर पहुंचे तो डाक्टर ने उसे देखने से मना कर दिया। कहा कि मैं आंख का डाक्टर हूं।
जिस पर साथ में आए लोग गुस्से में आ गए। सिटी मजिस्ट्रेट अमरनाथ राय ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। इस संबंध में चिकित्सक नेत्र रोग विशेषज्ञ मनोज पांडेय ने बताया कि जिला अस्पताल में कोई भी ईएनटी रोग विशेषज्ञ नही है। ऐसे में मरीज को कैसे देखा जा सकता है।