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परदहां सीएससी अस्पताल में दो साल से ओपीडी बंद, मरीज परेशान
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परदहां सीएचसी अस्पताल में पिछले दो साल से ओपीडी बंद है, जिसके कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। कोरोना महामारी की पहली लहर आने के बाद से ही जिला प्रशासन द्वारा परदहां सीएचसी को कोविड अस्पताल के रूप में परिवर्तित कर दिया गया। लेकिन बीते एक साल से अस्पताल में कोई भी कोरोना मरीज भर्ती नहीं हुआ है। इसके बाद भी जिला प्रशासन द्वारा अस्पताल में ओपीडी शुरू नहीं कराई गई, जिससे क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश है।
परदहां सीएचसी 30 बेड का अस्पताल है। ब्लाक मुख्यालय परिसर में स्थित होने के कारण क्षेत्र के 50 से अधिक गांव के लोग अस्पताल पर आकर अपना इलाज कराते हैं। लेकिन कोरोना महामारी की पहली लहर आने के बाद जब कोरोना के मरीज बढ़ने लगे तो जिला प्रशासन ने परदहां अस्पताल की ओपीडी बंद कर यहां 50 बेड का कोविड अस्पताल बना दिया गया और कोरोना की दूसरी लहर में परदहां अस्पताल को कोविड एल टू अस्पताल बनाया गया था। जबकि कोरोना की दूसरी लहर खत्म हुए एक साल हो गए और साल भर से कोरोना का एक भी मरीज एल टू अस्पताल में भर्ती नहीं हुआ है। बावजूद इसके ओपीडी चालू नहीं की गई। ऐसे में मरीजों को 500 रुपये फीस देकर निजी क्लीनिक पर इलाज कराने के साथ गंभीर मरीजों को निजी अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा है। जबकि परदहां सीएचसी में 30 बेड की सुविधा है और चार डॉक्टर, चार फार्मासिस्ट, दो एलटी, एक वार्ड ब्वाय, और स्वीपर के अलावा दो आपरेशन थियेटर, एक एक्सरे रूम, पैथालॉजी और एक अल्ट्रासाउंड है। ताजोपुर गांव निवासी भगत सिंह, राहुल पांडे, बबलूू यादव, सुनील कुमार, अवधेश खरवार ने बताया कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण अभी तक परदहां अस्पताल में ओपीडी शुरू नहीं हो सकी है। इस बात को लेकर क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जल्द ओपीडी नहीं शुरू किया गया तो क्षेत्र के लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। सीएचसी प्रभारी दिलीप कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन ने परदहां सीएचसी को कोविड अस्पताल बनाया हैं। तब से ओपीडी बंद हैं। विभागीय आदेश आने के बाद ओपीडी शुरू कर दिया जाएगा।
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परदहां सीएचसी 30 बेड का अस्पताल है। ब्लाक मुख्यालय परिसर में स्थित होने के कारण क्षेत्र के 50 से अधिक गांव के लोग अस्पताल पर आकर अपना इलाज कराते हैं। लेकिन कोरोना महामारी की पहली लहर आने के बाद जब कोरोना के मरीज बढ़ने लगे तो जिला प्रशासन ने परदहां अस्पताल की ओपीडी बंद कर यहां 50 बेड का कोविड अस्पताल बना दिया गया और कोरोना की दूसरी लहर में परदहां अस्पताल को कोविड एल टू अस्पताल बनाया गया था। जबकि कोरोना की दूसरी लहर खत्म हुए एक साल हो गए और साल भर से कोरोना का एक भी मरीज एल टू अस्पताल में भर्ती नहीं हुआ है। बावजूद इसके ओपीडी चालू नहीं की गई। ऐसे में मरीजों को 500 रुपये फीस देकर निजी क्लीनिक पर इलाज कराने के साथ गंभीर मरीजों को निजी अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा है। जबकि परदहां सीएचसी में 30 बेड की सुविधा है और चार डॉक्टर, चार फार्मासिस्ट, दो एलटी, एक वार्ड ब्वाय, और स्वीपर के अलावा दो आपरेशन थियेटर, एक एक्सरे रूम, पैथालॉजी और एक अल्ट्रासाउंड है। ताजोपुर गांव निवासी भगत सिंह, राहुल पांडे, बबलूू यादव, सुनील कुमार, अवधेश खरवार ने बताया कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण अभी तक परदहां अस्पताल में ओपीडी शुरू नहीं हो सकी है। इस बात को लेकर क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जल्द ओपीडी नहीं शुरू किया गया तो क्षेत्र के लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। सीएचसी प्रभारी दिलीप कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन ने परदहां सीएचसी को कोविड अस्पताल बनाया हैं। तब से ओपीडी बंद हैं। विभागीय आदेश आने के बाद ओपीडी शुरू कर दिया जाएगा।
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