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नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से रूपये ठगने वाला गिरफ्तार
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मऊ/बढुआगोदाम। नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने के एक आरोपी को सरायलखंसी थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी संजय यादव सरवां गांव निवासी है। उसके कब्जे से ठगी के धन से खरीदी गई कार भी बरामद की गई।
पुलिस के अनुसार कृषि पर्यावरण एवं अनुसंधान संस्थान - कपास संस्था खोलकर वेबसाइट बनाकर लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की जा रही थी। इसके संस्था की वार्षिक पुस्तिका में स्पष्ट लिखा है कि यह संस्था गांव-गांव में फ्रेन्चाइजी देगी लेकिन इसके द्वारा वेबसाइट पर मासिक वेतन के नाम पर नौकरी के लिए विज्ञप्ति निकाली गयी थी। ज्वाइनिंग के नाम पर प्रत्येक अभ्यर्थियों से 21-21 हजार रुपये सिक्योरिटी मनी जमा करायी जा रही थी। नौकरी लगने पर 90 दिन के अंदर यह रकम वापस करने की बात कही गयी थी लेकिन संस्था ने न किसी की ज्वाइनिंग कराई गयी न ही रुपये वापस किये गये। संस्था के द्वारा लोगों से जुड़ने का माध्यम यह था कि यह प्रदेश के प्रत्येक ब्लाक स्तर पर गांव प्रधान को जरिए फोन के माध्यम उस गांव के बेरोजगार युवकों को वेबसाइट के बारे में सूचना देता था तथा उनसे आनलाइन फार्म भरवाता था। पुलिस की जांच में आसपास के कई जनपदों के 150 से ज्यादा अभ्यर्थियों की सूची मिली है। संस्था के संचालक ने कुशमौर के रिटायर्ड वैज्ञानिक का नाम इसके संस्था के बुकलेट पर दिया था जबकि उस वैज्ञानिक की ओर से जिलाधिकारी के यहां प्रार्थना पत्र दिया गया था कि उनका इसके संस्था से काई संबंध नहीं है। यह संस्था संजय यादव खुद चला रहा था। इस संबंध में एसओ राम सिंह का कहना है कि आजमगढ़ के शिवराजपुर, गंभीरपुर निवासी नरेंद्र पुत्र चंद्रबली यादव की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
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पुलिस के अनुसार कृषि पर्यावरण एवं अनुसंधान संस्थान - कपास संस्था खोलकर वेबसाइट बनाकर लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की जा रही थी। इसके संस्था की वार्षिक पुस्तिका में स्पष्ट लिखा है कि यह संस्था गांव-गांव में फ्रेन्चाइजी देगी लेकिन इसके द्वारा वेबसाइट पर मासिक वेतन के नाम पर नौकरी के लिए विज्ञप्ति निकाली गयी थी। ज्वाइनिंग के नाम पर प्रत्येक अभ्यर्थियों से 21-21 हजार रुपये सिक्योरिटी मनी जमा करायी जा रही थी। नौकरी लगने पर 90 दिन के अंदर यह रकम वापस करने की बात कही गयी थी लेकिन संस्था ने न किसी की ज्वाइनिंग कराई गयी न ही रुपये वापस किये गये। संस्था के द्वारा लोगों से जुड़ने का माध्यम यह था कि यह प्रदेश के प्रत्येक ब्लाक स्तर पर गांव प्रधान को जरिए फोन के माध्यम उस गांव के बेरोजगार युवकों को वेबसाइट के बारे में सूचना देता था तथा उनसे आनलाइन फार्म भरवाता था। पुलिस की जांच में आसपास के कई जनपदों के 150 से ज्यादा अभ्यर्थियों की सूची मिली है। संस्था के संचालक ने कुशमौर के रिटायर्ड वैज्ञानिक का नाम इसके संस्था के बुकलेट पर दिया था जबकि उस वैज्ञानिक की ओर से जिलाधिकारी के यहां प्रार्थना पत्र दिया गया था कि उनका इसके संस्था से काई संबंध नहीं है। यह संस्था संजय यादव खुद चला रहा था। इस संबंध में एसओ राम सिंह का कहना है कि आजमगढ़ के शिवराजपुर, गंभीरपुर निवासी नरेंद्र पुत्र चंद्रबली यादव की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
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