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पूर्व शिक्षिका की हत्या का नहीं मिला कोई सुराग
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मऊ। शहर कोतवाली क्षेत्र के ख्वाजाजहांपुर मुहल्ले के शिवपुरी कालोनी निवासी सेवा निवृत्त शिक्षिका की हत्या का सुराग 24 घंटे बाद भी पुलिस को नहीं लग सका। मंगलवार को मृतका का पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने शव रिश्तेदारों को सौंप दिया। मृतका का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पुलिस शिक्षिका की हत्या के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। मंगलवार की शाम तक पुलिस को पीएम रिपोर्ट नहीं मिल पाई थी। इसलिए हत्या किस तरीके से की गई थी, इसका पता नहीं चल पाया। वैसे पुलिस की जांच इस थ्योरी पर चल रही है कि वृद्धा की हत्या में उनके कोई परिचित जरूर शामिल रहे होंगे। अधिक संभावना जताई जा रही है कि वृद्धा की हत्या गला दबाकर की गई होगी। इस हत्या में कम से कम दो हत्यारों के शामिल होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं क्योंकि हत्या के बाद बक्सा खोलकर वृद्धा को बक्से में डालना शायद अकले एक व्यक्ति से संभव नहीं होगा।
वैसे भी घटना स्थल वाले कमरे में चाय के तीन कप होने से पुलिस यह अनुमान लगा रही है कि शिक्षिका के कमरे में आए दो परिचितों को उन्होंने चाय पिलाया होगा। चाय के प्यालों को देखने से यह लग रहा था कि इनमें चाय पी गई थी हालांकि दो दिन बीत जाने के बाद प्याले में चाय के निशान सूख गए थे।
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मूल रूप से आजमगढ़ जिले के कंधरापुर थाने केेे बस्ती गंाव निवासी गीता पांडेय शिक्षिका के पद से दो साल पहले सेवानिवृत्त होने के बाद छिटपुट आबादी के बीच बने अपने मकान में अकेले रहती थीं। उनकी तीन शादी शुदा पुत्रियां अपनी ससुराल में रहती हैं। अकेले होने के चलते हत्यारों ने वृद्धा की हत्या आसानी से कर दी और लाश केेेेेेे उन्हीं के कमरे में बक्से में बंद कर आराम से मकान के बाहरी गेट पर ताला लगाकर चले गए। इस संबंध में प्रभारी कोतवाल मनोज कुमार ने बताया कि हत्या के कारणों सहित विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है। जल्दी ही हत्यारे पुलिस की पकड़ में आ जाएंगे।
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पुलिस शिक्षिका की हत्या के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। मंगलवार की शाम तक पुलिस को पीएम रिपोर्ट नहीं मिल पाई थी। इसलिए हत्या किस तरीके से की गई थी, इसका पता नहीं चल पाया। वैसे पुलिस की जांच इस थ्योरी पर चल रही है कि वृद्धा की हत्या में उनके कोई परिचित जरूर शामिल रहे होंगे। अधिक संभावना जताई जा रही है कि वृद्धा की हत्या गला दबाकर की गई होगी। इस हत्या में कम से कम दो हत्यारों के शामिल होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं क्योंकि हत्या के बाद बक्सा खोलकर वृद्धा को बक्से में डालना शायद अकले एक व्यक्ति से संभव नहीं होगा।
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वैसे भी घटना स्थल वाले कमरे में चाय के तीन कप होने से पुलिस यह अनुमान लगा रही है कि शिक्षिका के कमरे में आए दो परिचितों को उन्होंने चाय पिलाया होगा। चाय के प्यालों को देखने से यह लग रहा था कि इनमें चाय पी गई थी हालांकि दो दिन बीत जाने के बाद प्याले में चाय के निशान सूख गए थे।
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मूल रूप से आजमगढ़ जिले के कंधरापुर थाने केेे बस्ती गंाव निवासी गीता पांडेय शिक्षिका के पद से दो साल पहले सेवानिवृत्त होने के बाद छिटपुट आबादी के बीच बने अपने मकान में अकेले रहती थीं। उनकी तीन शादी शुदा पुत्रियां अपनी ससुराल में रहती हैं। अकेले होने के चलते हत्यारों ने वृद्धा की हत्या आसानी से कर दी और लाश केेेेेेे उन्हीं के कमरे में बक्से में बंद कर आराम से मकान के बाहरी गेट पर ताला लगाकर चले गए। इस संबंध में प्रभारी कोतवाल मनोज कुमार ने बताया कि हत्या के कारणों सहित विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है। जल्दी ही हत्यारे पुलिस की पकड़ में आ जाएंगे।