खेल दिवसः मऊ में खेल संसाधनों के अभाव में दम तोड़ रहीं प्रतिभाएं, बिना कोच के ही प्रैक्टिस करने को विवश हैं खिलाड़ी
जिला मुख्यालय स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में आधुनिक संसाधनों की भारी कमी है। स्टेडियम में हॉकी, कबड्डी, जिम्नास्टिक, एथलेटिक्स, क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन सहित आठ खेल प्रशिक्षकों का पद है। लेकिन अभी तक कुश्ती कोच की ही तैनाती हो पाई है।
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शासन की ओर से खेलों को बढ़ावा देने के लिए काफी पैसा खर्च किया जा रहा है। इसके बावजूद मऊ जिले में खेल संसाधनों का अभाव है। न तो खेल मैदान हैं न ही प्रशिक्षक। इससे खिलाड़ियों की विभिन्न खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने की मंशा धूमिल हो रही है। हालांकि कई खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा के दम पर मुकाम हासिल किया है। यदि समय पर खिलाड़ियों को खेल सुविधाएं मिल जाएं तो कई खिलाड़ी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेर सकते हैं।
जिला मुख्यालय स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में आधुनिक संसाधनों की भारी कमी है। स्टेडियम में हॉकी, कबड्डी, जिम्नास्टिक, एथलेटिक्स, क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन सहित आठ खेल प्रशिक्षकों का पद है। लेकिन अभी तक कुश्ती कोच की ही तैनाती हो पाई है। जबकि फुटबॉल का प्रशिक्षण उप जिला क्रीड़ा अधिकारी खुद ही देते हैं।
ऐसे में बिना कोच के ही खिलाड़ी प्रैक्टिस करने को विवश हैं। जिम्नेजियम के लिए हॉल न होने से जिम्नास्टिक खिलाड़ियों की प्रतिभा नहीं निखार पा रही है। यही हाल कबड्डी, वॉलीबाल, क्रिकेट सहित विभिन्न खेलों का है। ऐसे में खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पिछड़ जा रहे हैं।
बरसात के मौसम में ग्राउंड की साफ सफाई तथा जलनिकासी की व्यवस्था बेहतर न होने खिलाड़ियों को प्रैक्टिस के दौरान असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। खिलाड़ियों की शिकायत के बाद भी शासन प्रशासन की ओर से मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा सका है।
उप जिला क्रीड़ा अधिकारी मुकेश सब्बरवाल का कहना है कि खेल प्रशिक्षकों के तैनाती की प्रक्रिया चल रही है। स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ, जिम्नेजियम हाल सहित खेल सुविधाओं को बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
एस्ट्रोटर्फ मिले तो हॉकी में अपार संभावनाएं
जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में तमाम खेलों के खिलाड़ी सीमीत संसाधनों में जिले का नाम रोशन कर चुके हैं। लेकिन अगर हॉकी की बात करें तो यहां से 100 से अधिक महिला और पुरुष खिलाड़ी नेशनल और इंटरनेशनल खेल चुके हैं। फिर भी अगर ग्राउंड एस्ट्रोटर्फ का हो तो यहां अपार संभावनाएं हैं।
हॉकी खिलाड़ी आकांक्षा दूबे और अंशु कुमारी ने कहा जिस प्रकार से बड़े टूर्नामेंट अब एस्ट्रोटर्फ पर हो रहे हैं तो हमें भी इस तरह का मैदान मिले। जिससे हमें कोई परेशानी न हो।वहीं खिलाड़ी मनीष सिंह और संदीप यादव ने कहा कि हमें एस्ट्रोटर्फ की दरकार है,अगर ऐसा मिले तो हम और बेहतर कर सकते हैं।