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Mau News: सिस्टम अपडेट के बहाने मोबाइल हैक, किसान के खातों से 1.64 लाख रुपये की साइबर ठगी, प्राथमिकी दर्ज
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हलधरपुर। थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नसीराबाद कलां गांव निवासी अनिल कुमार वर्मा के मोबाइल को शातिर साइबर ठगों ने फर्जी सिस्टम अपडेट के बहाने हैक कर लिया। इसके बाद उनके दो अलग-अलग बैंक खातों से कुल 1,64,624 रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राथमिकी के अनुसार अनिल कुमार वर्मा का खाता भारतीय स्टेट बैंक की बलिया की रसड़ा शाखा में है। खाते में 1,12,378 रुपये जमा थे। 14 अगस्त की शाम करीब छह बजे उनका मोबाइल अचानक अपने आप अपडेट होने लगा। इसी दौरान बिना किसी ओटीपी या बैंक मेसेज के खाते से पहले एक रुपये, फिर 48,560 रुपये और 49,050 रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिए गए।
अगले दिन 15 अगस्त की शाम को भी उनका मोबाइल करीब 45 मिनट तक फर्जी अपडेट मोड में चला। इसके बाद मोबाइल पूरी तरह फॉर्मेट हो गया। जब पीड़ित ने यूपीआई एप खोलकर खाते का बैलेंस देखा तो उसमें महज 304 रुपये बचे थे।
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साइबर ठगों ने केवल एसबीआई खाते को ही निशाना नहीं बनाया, बल्कि अनिल कुमार वर्मा के ग्रामीण बैंक खाते से भी रकम ट्रांसफर की। आरोप है कि पहले ग्रामीण बैंक खाते से 10 हजार, 30 हजार, 20 हजार और तीन हजार रुपये उनके एसबीआई खाते में भेजे गए। इसके बाद इन रकम को एसबीआई खाते से अज्ञात बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। इस तरह अलग-अलग किस्तों में दोनों बैंक खातों से कुल 1,64,624 रुपये की धोखाधड़ी की गई। खास बात यह रही कि पीड़ित के अनुसार अधिकांश लेनदेन के दौरान उन्हें कोई ओटीपी या बैंक संबंधी संदेश प्राप्त नहीं हुआ।
मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए खातों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है। साथ ही ठगी गई रकम को पीड़ित के बैंक खाते में वापस कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। भगवान राम, थानाध्यक्ष
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प्राथमिकी के अनुसार अनिल कुमार वर्मा का खाता भारतीय स्टेट बैंक की बलिया की रसड़ा शाखा में है। खाते में 1,12,378 रुपये जमा थे। 14 अगस्त की शाम करीब छह बजे उनका मोबाइल अचानक अपने आप अपडेट होने लगा। इसी दौरान बिना किसी ओटीपी या बैंक मेसेज के खाते से पहले एक रुपये, फिर 48,560 रुपये और 49,050 रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिए गए।
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अगले दिन 15 अगस्त की शाम को भी उनका मोबाइल करीब 45 मिनट तक फर्जी अपडेट मोड में चला। इसके बाद मोबाइल पूरी तरह फॉर्मेट हो गया। जब पीड़ित ने यूपीआई एप खोलकर खाते का बैलेंस देखा तो उसमें महज 304 रुपये बचे थे।
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साइबर ठगों ने केवल एसबीआई खाते को ही निशाना नहीं बनाया, बल्कि अनिल कुमार वर्मा के ग्रामीण बैंक खाते से भी रकम ट्रांसफर की। आरोप है कि पहले ग्रामीण बैंक खाते से 10 हजार, 30 हजार, 20 हजार और तीन हजार रुपये उनके एसबीआई खाते में भेजे गए। इसके बाद इन रकम को एसबीआई खाते से अज्ञात बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। इस तरह अलग-अलग किस्तों में दोनों बैंक खातों से कुल 1,64,624 रुपये की धोखाधड़ी की गई। खास बात यह रही कि पीड़ित के अनुसार अधिकांश लेनदेन के दौरान उन्हें कोई ओटीपी या बैंक संबंधी संदेश प्राप्त नहीं हुआ।
मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए खातों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है। साथ ही ठगी गई रकम को पीड़ित के बैंक खाते में वापस कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। भगवान राम, थानाध्यक्ष