मधुबन। घाघरा की कटान को रोकने के लिए पक्की ठोकर बनाने की मांग को लेकर बिनटोलिया गांव का एक युवक नदी किनारे अनशन पर बैठा है। उसका कहना है कि जब तक प्रशासन द्वारा कटान से बचाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता हैं, उसका अनशन जारी रहेगा। मधुबन तहसील के बिंटोलिया गांव को घाघरा नदी से बचाव के लिए फूलन सेना के तत्वावधान में दो दिनों से जल सत्याग्रह अनशन चलाया जा रहा था। शुक्रवार को कटान से बचाव के लिए पक्की ठोकर बनाने की मांग को लेकर प्रदीप गुप्त नदी में केले के पेड़ का आसन बनाते हुए अन्न जल त्यागकर अनशन पर बैठ गए। उनका कहना है कि वर्षों से देवरांचल के लोग पक्के ठोकर ना होने के चलते अपनी खेती योग्य भूमि को बर्बाद होता देख रहे हैं। जबकि तहसील प्रशासन से कई बार नदी के किनारे पक्के ठोकर बनवाने की मांग के साथ नदी में डूबे खेतों का मुआवजा भी मांगा गया। लेकिन आज तक किसानों एवं देवरांचल के लोगों की इस समस्या का समाधान नहीं किया गया। धरना स्थल पर पहुंचे फूलन सेना के अध्यक्ष गोपाल निषाद ने कहा कि जब तक पक्के ठोकर का निर्माण कार्य प्रशस्त नहीं हो जाता तब तक अनशन जारी रहेगा। इस मौके पर मुखदेव साहनी, श्रीकांत, रामजीत निषाद ,रामबली, अमरजीत यादव, लाती बिंद, गोपाल प्रसाद ,राकेश प्रसाद, श्रीकांत सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।