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करोड़ो के गबन में मऊ जिले में सीबीआई ने मारा छापा
Thu, 03 Jan 2019 11:03 PM IST
पवन सिंह
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
Published by: पवन सिंह
Updated Thu, 03 Jan 2019 11:03 PM IST
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- फोटो : SELF
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किसानों के नाम पर बैंक से फर्जी लोन लेने के मामले में चल रही जांच में गुरुवार को एक बार फिर से सीबीआई की टीम मऊ धमकी। इस दौरान रतनपुरा ब्लाक के इटैली गांव मौजूद दयानंद इंटर कॉलेज में तैनात एक शिक्षक की कुंडली खंगालने के बाद वापस लौट गई। हालांकि सीबीआई टीम अभी भी जिले में मौजूद है।
लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि किसी ने नहीं की। इससे पूर्व 11 नवंबर को सीबीआई टीम मऊ पहुंची थी। इस दौरान बीडीसी सदस्य को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के बाद छोड़ी थी।
बताते चले चार वर्ष पूर्व जिला मुख्यालय स्थित बलिया मोड़ पर खुले ट्रैक्टर की एजेंसी से ट्रैक्टर बिकवाने के नाम पर बैंक से किसानों के नाम पर फर्जी लोन लिया गया। बैंक से हुए लोन की जानकारी संबंधित किसानों को तब हुई जब उनके नाम से वसूली के लिए आरसी जारी की गई।
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आरसी देख किसान अवाक रह गए। उन्होंने अधिकारियों के यहां भाग दौड़ किया। किसानों की शिकायत पर 52 के विरूद्घ दोहरीघाट थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें हलधरपुर थाने के नगवा, इसहाकपुर, बेलौझा आदि क्षेत्रों के लोगों का नाम इसमें शामिल किया गया था।
बाद में मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। इस दौरान सीबीआई तथ्यों की जानकारी के लिए समय समय पर जिला मुख्यालय पहुंचकर छापेमारी कर दोषियों से पूछताछ कर रही। इसक्रम में 11 नवंबर को आई टीम ने दो बीडीसी को हिरासत में लेकर पूछताछ किया था।
इस बार दयानंद इंटर कालेज इटैली में पढ़ाने वाले एक शिक्षक की तलाश में टीम मऊ आई। दोपहर में टीम विद्यालय पहुंचकर शिक्षक के बारे में अन्य लोगों से जानकारी हासिल की। इसके बाद वापस लौट गई। समाचार लिखे जाने तक टीम के मऊ में होने की सूचना थी। लेकिन अधिकारक तौर पर डीएम और एसपी ने छापेमारी के बाबत कोई जानकारी होने से इंकार कर दिया।
दयानंद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रभुनाथ मौर्या ने सीबीआई टीम के आने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि विद्यालय में तैनात शिक्षक अरूण सिंह को दिसंबर माह 2018 में निलंबित कर दिया गया।
बोले शिक्षक अरूण सिंह की तरफ से कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया गया है, इसमें उन्होंने विद्यालय में उपस्थित रहने का दावा किया है। सीबीआई टीम विद्यालय पहुंचकर इसी बात की पुष्टि करने के लिए उपस्थिति रजिस्ट्रर की जांच की।
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लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि किसी ने नहीं की। इससे पूर्व 11 नवंबर को सीबीआई टीम मऊ पहुंची थी। इस दौरान बीडीसी सदस्य को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के बाद छोड़ी थी।
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बताते चले चार वर्ष पूर्व जिला मुख्यालय स्थित बलिया मोड़ पर खुले ट्रैक्टर की एजेंसी से ट्रैक्टर बिकवाने के नाम पर बैंक से किसानों के नाम पर फर्जी लोन लिया गया। बैंक से हुए लोन की जानकारी संबंधित किसानों को तब हुई जब उनके नाम से वसूली के लिए आरसी जारी की गई।
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आरसी देख किसान अवाक रह गए। उन्होंने अधिकारियों के यहां भाग दौड़ किया। किसानों की शिकायत पर 52 के विरूद्घ दोहरीघाट थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें हलधरपुर थाने के नगवा, इसहाकपुर, बेलौझा आदि क्षेत्रों के लोगों का नाम इसमें शामिल किया गया था।
बाद में मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। इस दौरान सीबीआई तथ्यों की जानकारी के लिए समय समय पर जिला मुख्यालय पहुंचकर छापेमारी कर दोषियों से पूछताछ कर रही। इसक्रम में 11 नवंबर को आई टीम ने दो बीडीसी को हिरासत में लेकर पूछताछ किया था।
इस बार दयानंद इंटर कालेज इटैली में पढ़ाने वाले एक शिक्षक की तलाश में टीम मऊ आई। दोपहर में टीम विद्यालय पहुंचकर शिक्षक के बारे में अन्य लोगों से जानकारी हासिल की। इसके बाद वापस लौट गई। समाचार लिखे जाने तक टीम के मऊ में होने की सूचना थी। लेकिन अधिकारक तौर पर डीएम और एसपी ने छापेमारी के बाबत कोई जानकारी होने से इंकार कर दिया।
दयानंद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रभुनाथ मौर्या ने सीबीआई टीम के आने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि विद्यालय में तैनात शिक्षक अरूण सिंह को दिसंबर माह 2018 में निलंबित कर दिया गया।
बोले शिक्षक अरूण सिंह की तरफ से कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया गया है, इसमें उन्होंने विद्यालय में उपस्थित रहने का दावा किया है। सीबीआई टीम विद्यालय पहुंचकर इसी बात की पुष्टि करने के लिए उपस्थिति रजिस्ट्रर की जांच की।