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सम्मान लौटाना गलत : गिरिजा देवी
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Sun, 06 Dec 2015 11:29 PM IST
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पद्मश्री से सम्मानित ठुमरी गायिका गिरिजा देवी ने कहा कि देश में कहीं भी असहिष्णुता नहीं है। कहीं भी अराजकता की स्थिति नहीं है।
अगर कहीं किसी बात को लेकर विवाद है, तो इसका मतलब यह नहीं कि हम उस देश से पाए सम्मान को वापस कर दें। सम्मान लौटाना न सिर्फ पुरस्कार का वरन देश का भी अपमान है।
वे रविवार को नगर के शारदा नारायण हास्पिटल में इंदिरा आईवीएफ केंद्र के उद्घाटन मौके पर पत्रकारों से बात कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि उन्हें शास्त्रीय संगीत में कई अवार्ड मिले हैं। जिन्हें वे देश का सम्मान समझकर संभाल कर रखती हैं। आमिर खान के बयान पर कहा कि व्यक्ति की जैसी भावना होती है, वह वैसे ही विचार प्रकट करता है। आमिर का बयान खुद उनका अपना विचार हो सकता है।
इसके बारे में वे ही बेहतर बता सकते हैं। हिंदुस्तान की मिट्टी में न जाने कितने देेशों के लोग आकर बसे हैं। यहां की सभ्यता-संस्कृति के कायल विदेशी भी हैं। संगीत पर बात करते हुए कहा कि वर्तमान युग भले ही पाप म्यूजिक का है लेकिन शास्त्रीय संगीत का विकल्प नहीं। शास्त्रीय संगीत से शांति मिलती है।
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इससे न सिर्फ तन मन स्वस्थ रहता है, बल्कि उसमें छिपा अध्यात्म सुनने वालों को परमात्मा की भी अनुभूति कराता है। शास्त्रीय संगीत के प्रचार प्रसार के लिए उनका वीडियो भी आ रहा है। जिससे इसे और ऊंचाइयां मिलेगी। युवाओं का रुझान शास्त्रीय संगीत की तरफ बढ़ा है।
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अगर कहीं किसी बात को लेकर विवाद है, तो इसका मतलब यह नहीं कि हम उस देश से पाए सम्मान को वापस कर दें। सम्मान लौटाना न सिर्फ पुरस्कार का वरन देश का भी अपमान है।
वे रविवार को नगर के शारदा नारायण हास्पिटल में इंदिरा आईवीएफ केंद्र के उद्घाटन मौके पर पत्रकारों से बात कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि उन्हें शास्त्रीय संगीत में कई अवार्ड मिले हैं। जिन्हें वे देश का सम्मान समझकर संभाल कर रखती हैं। आमिर खान के बयान पर कहा कि व्यक्ति की जैसी भावना होती है, वह वैसे ही विचार प्रकट करता है। आमिर का बयान खुद उनका अपना विचार हो सकता है।
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इसके बारे में वे ही बेहतर बता सकते हैं। हिंदुस्तान की मिट्टी में न जाने कितने देेशों के लोग आकर बसे हैं। यहां की सभ्यता-संस्कृति के कायल विदेशी भी हैं। संगीत पर बात करते हुए कहा कि वर्तमान युग भले ही पाप म्यूजिक का है लेकिन शास्त्रीय संगीत का विकल्प नहीं। शास्त्रीय संगीत से शांति मिलती है।
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इससे न सिर्फ तन मन स्वस्थ रहता है, बल्कि उसमें छिपा अध्यात्म सुनने वालों को परमात्मा की भी अनुभूति कराता है। शास्त्रीय संगीत के प्रचार प्रसार के लिए उनका वीडियो भी आ रहा है। जिससे इसे और ऊंचाइयां मिलेगी। युवाओं का रुझान शास्त्रीय संगीत की तरफ बढ़ा है।