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Mau News: ओलावृष्टि के साथ हुई तेज बारिश, घरों और दुकानों में घुसा पानी
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नगर के गाजीपुर तिराहा पर बुधवार की शाम हुई झमाझम बारिश के बीच जाती कार। संवाद
मऊ। नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में बुधवार की शाम तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। आसमान में बिजली की गड़गड़ाहट से लोग सहम गए और सुरक्षित स्थानों की ओर जाते दिखे। तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता सताने लगी है। वहीं, बारिश के कारण शहर के 20 मोहल्लों सहित कोपागंज, घोसी, दोहरीघाट, अदरी, कुर्थीजाफरपुर, मुहम्मदाबाद गोहना और वलीदपुर नगर पंचायत में जलभराव हो गया। कई लोगों के घरों और दुकानों में भी पानी भर गया। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने और छिटपुट बारिश होने की संभावना जताई है।
बीते सोमवार को जिले में कहीं बूंदाबांदी तो कहीं हल्की बारिश के बाद मौसम सामान्य होने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली ही थी कि बुधवार की शाम लगभग पांच बजे मौसम में बदलाव दिखा। कुछ देर बूंदाबांदी होने के बाद हवा के साथ तेज बारिश होने के साथ ओला पड़ने लगा। आसमान में हो रही तेज गड़गड़ाहट से यात्रा कर रहे वाहन चालक और राहगीर दहल जा रहे थे, लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाते देखा गया।
वहीं बारिश से बचने के लिए लोगों को नगर के मुख्य मार्ग के दोनों ओर दुकानों के सामने खड़े होकर बारिश बंद होने की प्रतीक्षा करते देखा गया। तापमान पर नजर डाला जाए तो बुधवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। आर्द्रता 81 प्रतिशत रही। पांच किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल रही थी। कृषि विभाग के आंकड़ों में 90 हजार हेक्टेयर में धान की फसल की बुआई की गई है।
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मौसम बदलाव से फसलों पर असर पड़ने की आशंका से किसान परेशान होने लगे हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार तेज हवा के साथ बारिश होने और ओला पड़ने से धान की फसलों पर विपरीत असर पड़ सकता है। इस संबंध में किसान रामनाथ सिंह, जितेंद्र प्रसाद, श्रीकांत सिंह, रविंद्र मौर्य, नगीना प्रसाद का कहना था कि प्रकृति के प्रकोप के चलते धान की फसल को घर लाना मुश्किल ही लग रहा है।
धान की फसल को नुकसान
अगेती धान की फसल फूट रही है। पक भी गई है। बारिश के साथ ओला पड़ने से नुकसान होना तय लग रहा है। इस संबंध में स्वयंसेवी संस्था नेफोर्ड के जिला प्रभारी और कृषि विशेषज्ञ संतोष कुमार मिश्र का कहना है कि अगेती धान की फसल में बालियां निकल गई है। इसके साथ ही धान की फसल पककर तैयार भी हो गई है। तेज हवा के साथ बारिश से पकी फसल गिर सकती है। ओला पड़ने से फसल की बालियां टूटकर गिर सकती हैं। पकी धान की फसल गिरने से क्वालिटी पर असर पड़ सकता है।
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बीते सोमवार को जिले में कहीं बूंदाबांदी तो कहीं हल्की बारिश के बाद मौसम सामान्य होने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली ही थी कि बुधवार की शाम लगभग पांच बजे मौसम में बदलाव दिखा। कुछ देर बूंदाबांदी होने के बाद हवा के साथ तेज बारिश होने के साथ ओला पड़ने लगा। आसमान में हो रही तेज गड़गड़ाहट से यात्रा कर रहे वाहन चालक और राहगीर दहल जा रहे थे, लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाते देखा गया।
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वहीं बारिश से बचने के लिए लोगों को नगर के मुख्य मार्ग के दोनों ओर दुकानों के सामने खड़े होकर बारिश बंद होने की प्रतीक्षा करते देखा गया। तापमान पर नजर डाला जाए तो बुधवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। आर्द्रता 81 प्रतिशत रही। पांच किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल रही थी। कृषि विभाग के आंकड़ों में 90 हजार हेक्टेयर में धान की फसल की बुआई की गई है।
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मौसम बदलाव से फसलों पर असर पड़ने की आशंका से किसान परेशान होने लगे हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार तेज हवा के साथ बारिश होने और ओला पड़ने से धान की फसलों पर विपरीत असर पड़ सकता है। इस संबंध में किसान रामनाथ सिंह, जितेंद्र प्रसाद, श्रीकांत सिंह, रविंद्र मौर्य, नगीना प्रसाद का कहना था कि प्रकृति के प्रकोप के चलते धान की फसल को घर लाना मुश्किल ही लग रहा है।
धान की फसल को नुकसान
अगेती धान की फसल फूट रही है। पक भी गई है। बारिश के साथ ओला पड़ने से नुकसान होना तय लग रहा है। इस संबंध में स्वयंसेवी संस्था नेफोर्ड के जिला प्रभारी और कृषि विशेषज्ञ संतोष कुमार मिश्र का कहना है कि अगेती धान की फसल में बालियां निकल गई है। इसके साथ ही धान की फसल पककर तैयार भी हो गई है। तेज हवा के साथ बारिश से पकी फसल गिर सकती है। ओला पड़ने से फसल की बालियां टूटकर गिर सकती हैं। पकी धान की फसल गिरने से क्वालिटी पर असर पड़ सकता है।