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अचानक सदर तहसील पहुंचे मंडलायुक्त
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Tue, 18 Aug 2015 11:41 PM IST
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मंडलायुक्त आरपी गोस्वामी मंगलवार को अचानक सदर तहसील पहुंचे और स्वयं फरियादियों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने अफसरों से कहा कि तहसील दिवस में जो शिकायतें आएं उन्हें अधिकतम एक माह की अवधि में जरूर निस्तारित कर लें।
एक माह से अधिक समय वाले मामलों को लंबित छोड़ने वाले अफसरों और कर्मचारियों की रिपोर्ट डीएम से की जाए। जिलाधिकारी ऐसे अफसरों और कर्मचारियों के विरुद्घ एफआईआर दर्ज कराएंगे।
इस अवसर पर कुल 96 शिकायतें आईं जिनमें से महज सात ही निस्तारित की जा सकीं। कमिश्नर ने शेष शिकायतों को एक सप्ताह में निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसील दिवस का निरीक्षण भी किया और एसडीएम को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
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मधुबन संवाददाता के अनुसार में तहसील दिवस की अध्यक्षता जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि प्राप्त आवेदन पत्रों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्धता के साथ निस्तारण करें। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
एसडीएम के आदेश के बावजूद एक साल से पैमाईश लंबित रखनेश् की शिकायत पर डीएम ने खीरी कोठा के लेखपाल महेंद्र गुप्ता को निलंबित करने का आदेश जिलाधिकारी ने दिए।
लेखपाल को निलंबित करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर 118 आवेदन पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 13 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष आवेदन पत्रों को जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिये गये। इस अवसर पर सिकड़ी निवासी रामसिंगार सिंह ने शिकायत की कि मधुबन थाने के सिपाही मदन यादव द्वारा उसकी पिटाई की गयी।
जजौली निवासी सर्वजीत ने खारिज दाखिल करने में हीला हवाली करने, रमऊपुर के अमृत लाल पुत्र दुखंती ने लेखपाल द्वारा नापी न करने की शिकायत की। जबकि चकशाहपुर गांव निवासी मोतीचंद द्वारा पैमाईश के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया गया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गिरिजेश कुमार त्यागी, परियोजना निदेशक डा. हरिचरन सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. नन्दलाल यादव, अपर पुलिस अधीक्षक सुनिल सिंह, उपजिलाधिकारी मधुबन अमरनाथ राय, डीडी एग्रीकल्चर, जिला कृषि अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश यादव, तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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एक माह से अधिक समय वाले मामलों को लंबित छोड़ने वाले अफसरों और कर्मचारियों की रिपोर्ट डीएम से की जाए। जिलाधिकारी ऐसे अफसरों और कर्मचारियों के विरुद्घ एफआईआर दर्ज कराएंगे।
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इस अवसर पर कुल 96 शिकायतें आईं जिनमें से महज सात ही निस्तारित की जा सकीं। कमिश्नर ने शेष शिकायतों को एक सप्ताह में निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसील दिवस का निरीक्षण भी किया और एसडीएम को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
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मधुबन संवाददाता के अनुसार में तहसील दिवस की अध्यक्षता जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि प्राप्त आवेदन पत्रों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्धता के साथ निस्तारण करें। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
एसडीएम के आदेश के बावजूद एक साल से पैमाईश लंबित रखनेश् की शिकायत पर डीएम ने खीरी कोठा के लेखपाल महेंद्र गुप्ता को निलंबित करने का आदेश जिलाधिकारी ने दिए।
लेखपाल को निलंबित करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर 118 आवेदन पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 13 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष आवेदन पत्रों को जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिये गये। इस अवसर पर सिकड़ी निवासी रामसिंगार सिंह ने शिकायत की कि मधुबन थाने के सिपाही मदन यादव द्वारा उसकी पिटाई की गयी।
जजौली निवासी सर्वजीत ने खारिज दाखिल करने में हीला हवाली करने, रमऊपुर के अमृत लाल पुत्र दुखंती ने लेखपाल द्वारा नापी न करने की शिकायत की। जबकि चकशाहपुर गांव निवासी मोतीचंद द्वारा पैमाईश के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया गया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गिरिजेश कुमार त्यागी, परियोजना निदेशक डा. हरिचरन सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. नन्दलाल यादव, अपर पुलिस अधीक्षक सुनिल सिंह, उपजिलाधिकारी मधुबन अमरनाथ राय, डीडी एग्रीकल्चर, जिला कृषि अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश यादव, तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।