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कपड़े पर जीएसटी का विरोध
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
Updated Thu, 15 Jun 2017 10:48 PM IST
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कलेक्ट्रेट पर जीएसटी के विरोध में धरना प्रदर्शन करते व्यापारी।
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अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के तत्वाधान में गुरुवार को व्यापारियों ने साड़ी कपड़े पर जीएसटी लागू होने पर विरोध जताया। इस दौरान व्यापारी कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने के बाद पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार के जिलाध्यक्ष डॉ. रामगोपाल गुप्ता ने कहा कि जीएसटी के काले जिन्न से व्यापारियों को निजात दिलाई जाए। बोले व्यापारी कपड़ा और साड़ी पर जीएसटी किसी कीमत पर बर्दास्त नहीं करेंगे। सरकार जीएटी की खामियों को अबिलंब सुधारे। रामगोपाल ने कहा कि जीएसटी लागू कर सरकार छोटे और मझौले व्यापारियों का जीना हराम कर देंगी। क्योंकि इस टैक्स के दायरे में आने से छोटे कपड़ा व्यापारी तबाह हो जाएंगे। उनकी मांगों में साड़ियों और कपड़ों पर लगने वाला कर समाप्त किया जाए। जीएसटी के तहत व्यापारी को जुर्माना और जेल भेजने का जो प्राविधान है उसे समाप्त किया जाए। बोले रोटी कपड़ा मानव समाज की बुनियादी जरूरतें हैं, फिर भी गूंगी और बहरी सरकार ने व्यापारियों के साथ लोगों की इन जरूरतों को छीन लिया। क्योंकि जीएसटी लागू होने से कफन के साथ तन ढकने का कपड़ा भी मंहगा हो जाएगा।
व्यापारियों ने सरकार के इस कदम को तुच्छ मानसिकता का परिचायक बताया। धरने को कन्हैया लाल जायसवाल, महातम यादव, आनंद अंबानी, हरिशंकर, सुभाष कन्नौजिया, पूर्व चेयरमैन अरशद जमाल सहित कई व्यापारियों ने संबोधित किया। मो. अकरम प्रीमियर, अखिलेश मद्घेशिया, हबीबुल्ला टांडवी, अभिषेक मद्घेशिया, अजीत कुमार, बबलू, महेेंद्र सिंह, विक्की बरनवाल, अजय जायसवाल, अश्वनी कुमार, रामचरन यादव आदि उपस्थित रहे।
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अखिल भारतीय उद्योग व्यापार के जिलाध्यक्ष डॉ. रामगोपाल गुप्ता ने कहा कि जीएसटी के काले जिन्न से व्यापारियों को निजात दिलाई जाए। बोले व्यापारी कपड़ा और साड़ी पर जीएसटी किसी कीमत पर बर्दास्त नहीं करेंगे। सरकार जीएटी की खामियों को अबिलंब सुधारे। रामगोपाल ने कहा कि जीएसटी लागू कर सरकार छोटे और मझौले व्यापारियों का जीना हराम कर देंगी। क्योंकि इस टैक्स के दायरे में आने से छोटे कपड़ा व्यापारी तबाह हो जाएंगे। उनकी मांगों में साड़ियों और कपड़ों पर लगने वाला कर समाप्त किया जाए। जीएसटी के तहत व्यापारी को जुर्माना और जेल भेजने का जो प्राविधान है उसे समाप्त किया जाए। बोले रोटी कपड़ा मानव समाज की बुनियादी जरूरतें हैं, फिर भी गूंगी और बहरी सरकार ने व्यापारियों के साथ लोगों की इन जरूरतों को छीन लिया। क्योंकि जीएसटी लागू होने से कफन के साथ तन ढकने का कपड़ा भी मंहगा हो जाएगा।
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व्यापारियों ने सरकार के इस कदम को तुच्छ मानसिकता का परिचायक बताया। धरने को कन्हैया लाल जायसवाल, महातम यादव, आनंद अंबानी, हरिशंकर, सुभाष कन्नौजिया, पूर्व चेयरमैन अरशद जमाल सहित कई व्यापारियों ने संबोधित किया। मो. अकरम प्रीमियर, अखिलेश मद्घेशिया, हबीबुल्ला टांडवी, अभिषेक मद्घेशिया, अजीत कुमार, बबलू, महेेंद्र सिंह, विक्की बरनवाल, अजय जायसवाल, अश्वनी कुमार, रामचरन यादव आदि उपस्थित रहे।
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