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Mau News: किसानों में वितरित किया मूंगफली का बीज
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रतनपुरा ब्लॉक क्षेत्र के पिलखी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित बीज वितरण समारोह में किसा
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के तत्वावधान में रतनपुरा ब्लॉक क्षेत्र के पिलखी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में बीज वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर 90 किसानों को मूंगफली की प्रजाति जीजी-34 का वितरण किया गया।
इस मौके पर केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक और प्रभारी अधिकारी डॉ. विनय कुमार सिंह ने किसानों को तिलहन के महत्व और तिलहन उत्पादन की नवीनतम तकनीक के बारे में जानकारी दी।
डॉ. अंगद प्रसाद ने बताया कि मूंगफली की यह प्रजाति गुजरात की जूनागढ़ यूनिवर्सिटी से विकसित की गई है। मूंगफली की इस प्रजाति की बुआई के लिए जुलाई माह का समय उपयुक्त है। यह प्रजाति 111 से 125 दिन में तैयार हो जाती है।
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इस प्रजाति का बीज दर 70 से 75 किग्रा प्रति एकड़ है। इसकी फलियों में दो बड़े-बड़े दाने गुलाबी लाल रंग के होते हैं। इस प्रजाति के पौधे 15 से 20 इंच के होते हैं।
इस प्रजाति की फली उत्पादकता 3715 किलो प्रति एकड़ है और दानों की उत्पादकता 2525 किलो प्रति एकड़ है। इसके दानों में तेल 52.8 प्रतिशत और 26.38 प्रतिशत प्रोटीन पाया जाता है।
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इस मौके पर केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक और प्रभारी अधिकारी डॉ. विनय कुमार सिंह ने किसानों को तिलहन के महत्व और तिलहन उत्पादन की नवीनतम तकनीक के बारे में जानकारी दी।
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डॉ. अंगद प्रसाद ने बताया कि मूंगफली की यह प्रजाति गुजरात की जूनागढ़ यूनिवर्सिटी से विकसित की गई है। मूंगफली की इस प्रजाति की बुआई के लिए जुलाई माह का समय उपयुक्त है। यह प्रजाति 111 से 125 दिन में तैयार हो जाती है।
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इस प्रजाति का बीज दर 70 से 75 किग्रा प्रति एकड़ है। इसकी फलियों में दो बड़े-बड़े दाने गुलाबी लाल रंग के होते हैं। इस प्रजाति के पौधे 15 से 20 इंच के होते हैं।
इस प्रजाति की फली उत्पादकता 3715 किलो प्रति एकड़ है और दानों की उत्पादकता 2525 किलो प्रति एकड़ है। इसके दानों में तेल 52.8 प्रतिशत और 26.38 प्रतिशत प्रोटीन पाया जाता है।