Ghosi Bypoll: ईवीएम की रखवाली में जुटे सपा कार्यकर्ता, रात भर ढोल-मंजीरे के साथ करेंगे जगराता
घोसी में उपचुनाव के बाद कलेक्ट्रेट परिसर स्थित स्ट्रांग रूम में ईवीएम रखी गई है। मंगलवार रात से ही समाजवादी पार्टी और उसके गठबंधन के कार्यकर्ता भी स्ट्रांग रूम के बाहर मुस्तैद हैं। सभी ईवीएम की रखवाली कर रहे हैं। सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें प्रशासन पर भरोसा नहीं है।
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घोसी उपचुनाव के लिए आठ सितंबर को मतगणना होने से पहले राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। 239 मतदान केंद्र के 455 बूथों पर मंगलवार को मतदान हुआ था। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित स्ट्रांग रूम में ईवीएम रखी गई है। यहां पर एक तरफ जहां पुलिस फोर्स और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान स्ट्रांग रूम की रखवाली के लिए तैनात किए गए हैं। वहीं समाजवादी पार्टी और उसके गठबंधन के कार्यकर्ता भी स्ट्रांग रूम की रखवाली करते देखे गए।
स्ट्रांग रूम के बाहर लगाए सीसीटीवी एलईडी में सपा के नेता टकटकी लगाए देख रहे हैं। मंगलवार देर शाम से सपा तथा गठबंधन पार्टी के कार्यकर्ता डटे हैं। आज रात स्ट्रांग रूम के बाहर ही ढोल-मंजीरे के साथ जगराता करेंगे। सपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि उन्हें प्रशासन पर भरोसा नहीं है।
सपा के जिलाध्यक्ष दूधनाथ यादव ने बताया कि चार टीमें बनाई गई हैं। जो शिफ्टवार मतगणना स्थल के पास तैनात होकर ईवीएम की रखवाली में जुटी है। वहीं दूसरी भाजपा नेताओं ने कहा कि सपा हार की डर से सारा ठीकरा है ईवीएम पर फोड़ने की तैयारी में जुट गई है।
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14 टेबल पर 19 टीमें करेंगी मतगणना
घोसी विधानसभा उपचुनाव की मतगणना आठ सितंबर की सुबह आठ बजे से प्रारंभ होगी। जिला प्रशासन की तरफ से मतगणना की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतगणना 14 टेबलों पर होगी, जिसके लिए 19 मतगणना टीमें बनाई गई हैं। प्रशासनिक अधिकारी मतगणना को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करने में जुटे हैं। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित बने स्ट्रांग रूम में पांच सितंबर को चुनाव संपन्न कराने के बाद यहां ईवीएम और वीवीपैट मशीन कड़ी सुरक्षा में रखीं गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन यहां पैनी नजर लगाए हुए हैं।
चट्टी-चौराहों पर चढ़ा सियासी पारा
उपचुनाव खत्म होते ही जहां नेता अपने दलों के बूथ प्रभारियों से वोट का आंकड़ा लेकर जीत का दावा कर रहे हैं, तो वहीं समर्थक भी अपने-अपने नेताओं की जीत को लेकर विभिन्न तर्क दे रहे हैं। दावे और प्रतिदावे के बीच चट्टी चौराहे के अलावा चाय-पान के दुकानों पर इस समय हार-जीत को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सभी की निगाहें आठ सितंबर को होनी वाली मतगणना के परिणाम पर टिकी हुई है।