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हत्या के आठ दोषियों को उम्रकैद की सजा
mau
Updated Fri, 14 Sep 2018 11:03 PM IST
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Court
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक नंबर दो सुरेश गुप्ता ने 17 वर्ष पुराने हत्या के मामले में आठ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 20-20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला घोसी कोतवाली क्षेत्र के पिडसुई मंझरिया गांव का है।
पिडसुई मंझरिया निवासी धर्मराज सिंह की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसके अनुसार पांच मई 2001 को गांव की सुमित्रा पत्नी स्व. गुलाब की खेती बारी उसके पिता राजनाथ देखते थे।
उस दिन राजनाथ घर आए थे। आरोप के अनुसार गांव के लालचंद सिंह, राम किशुन सिंह, अरविंद सिंह, रामाश्रय और वीरेंद्र, योगेंद्र, गोरख, मुनीब तथा सुरजन लाठी, डंडे से पिटाई करते राजनाथ को लालचंद सिंह के दरवाजे पर ले आए और यहां भी हाथ-पैर बांधकर पिटाई की। बचाने सुमित्रा तथा प्रभुनाथ आए तो उनकी भी पिटाई की। घटना में राजनाथ की मौत हो गई। पुलिस ने बलवा, हत्या और मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। एडीजे ने लालचंद सिंह, रामकिशुन, रामाश्रय, वीरेंद्र, योगेंद्र, गोरख, मुनीब और सुरजन को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा और 20-20 हजार रुपये जुर्माना लगाया। आरोपी अरविंद के नाबालिग होने के चलते उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई। जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि राजनाथ सिंह के वारिसों को देने का आदेश दिया।
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पिडसुई मंझरिया निवासी धर्मराज सिंह की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसके अनुसार पांच मई 2001 को गांव की सुमित्रा पत्नी स्व. गुलाब की खेती बारी उसके पिता राजनाथ देखते थे।
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उस दिन राजनाथ घर आए थे। आरोप के अनुसार गांव के लालचंद सिंह, राम किशुन सिंह, अरविंद सिंह, रामाश्रय और वीरेंद्र, योगेंद्र, गोरख, मुनीब तथा सुरजन लाठी, डंडे से पिटाई करते राजनाथ को लालचंद सिंह के दरवाजे पर ले आए और यहां भी हाथ-पैर बांधकर पिटाई की। बचाने सुमित्रा तथा प्रभुनाथ आए तो उनकी भी पिटाई की। घटना में राजनाथ की मौत हो गई। पुलिस ने बलवा, हत्या और मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। एडीजे ने लालचंद सिंह, रामकिशुन, रामाश्रय, वीरेंद्र, योगेंद्र, गोरख, मुनीब और सुरजन को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा और 20-20 हजार रुपये जुर्माना लगाया। आरोपी अरविंद के नाबालिग होने के चलते उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई। जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि राजनाथ सिंह के वारिसों को देने का आदेश दिया।
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