मधुबन। नगर पंचायत के नहर रोड स्थित प्राथमिक विद्यालय उसुरी नंबर-2 पर शुक्रवार शाम शिक्षक संकुल की बैठक हुई। इस अवसर पर शिक्षकों ने विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता, तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग और विभागीय प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में शिक्षक शशांक शेखर पांडेय ने हमारी सीख प्रक्रिया विषय पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए शिक्षकों को नवीन शिक्षण विधियां अपनानी चाहिए। संकुल प्रभारी मुकेश कुमार ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही शिक्षण कार्य में उत्कृष्टता लाई जा सकती है। शिक्षिका नेहा गुप्ता ने स्मार्ट क्लास, टैबलेट एवं आईसीटी लैब के प्रभावी उपयोग पर जानकारी देते हुए कहा कि डिजिटल तकनीक से छात्रों में सीखने की रुचि और समझ दोनों बढ़ती है। रोमा गुप्ता ने अकादमिक आवश्यकताओं के लिए नियोजन पर कहा कि हर विद्यालय को शैक्षणिक योजना समयबद्ध ढंग से तैयार करनी चाहिए। संतोष शर्मा ने विभागीय सूचना सत्र के माध्यम से शिक्षकों को शासन के नवीन आदेशों एवं प्राथमिकताओं से अवगत कराया। गणित शिक्षक राज बहादुर सिंह ने विभागीय प्राथमिकता और प्रशंसा सत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण की नींव हैं। बैठक का समापन अशोक सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी श्याम सुंदर पटेल ने कहा कि शिक्षक समाज का दर्पण हैं। नई शिक्षा नीति के तहत तकनीकी साधनों का उपयोग और विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाना हमारी प्राथमिकता है। ऐसे संकुल सम्मेलन शिक्षकों के अनुभवों के आदान-प्रदान का बेहतरीन मंच हैं। इस मौके पर हृदयेश पांडेय, विनोद सिंह, संदीप तिवारी, अमित सिंह, ममता पांडेय, गरिमा सिंह, सुषमा मल्ल, गौरव जायसवाल, अनूप कुमार, दीपक चौहान आदि उपस्थित थे।