{"_id":"422743dbf921ec57b84f487e0ddba914","slug":"devoted-his-life-to-the-education-of-girls-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चियों की शिक्षा के लिए जीवन समर्पित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चियों की शिक्षा के लिए जीवन समर्पित
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Fri, 23 Jan 2015 11:32 PM IST
विज्ञापन
बीते दो दशक से शिक्षा के क्षेत्र में अपने कई शिक्षण संस्थानों के माध्यम से पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राना खातून बच्चियों में शिक्षा की अलख जगा रही हैं।
वह खुद भी एनसीसी के मेजर पद पर रहीं। उन्हें नगर पालिका परिषद की पहली महिला अध्यक्ष होने का भी गौरव प्राप्त है। उनका कहना है उनका पूरा जीवन सिर्फ शिक्षा के लिए ही समर्पित है। वह चाहती हैं कि बेटियों पढ़-लिखकर खुद का संबल बनें।
मूल रूप से आजमगढ़ जिले के सदर चौक की निवासी राना खातून का जीवन मऊ की राजनीति एवं शिक्षा के लिए ही समर्पित रहा। वह मऊ के परदहां में अब रहती है।
वह वर्तमान में पांच शिक्षण संस्थानों के माध्यम से बच्चियों को शिक्षित कर रही हैं। जिनमें कक्षा एक से लेकर बीटीसी की छात्राएं पढ़ती हैं।
प्रतिदिन राना खातून सभी शिक्षण संस्थानों में एक बार जरूर जाती हैं। साथ ही अपने संस्थान में पढ़ने वाली एनसीसी के छात्राओं को स्वयं ट्रेनिंग देती हैं।
राना खातून ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद 4 जुलाई 1988 को सेकेंड लेफ्टिनेंट का पद हासिल किया। उसके बाद उन्होंने एनसीसी में लेफ्टिनेंट, कैप्टन और मेजर के पद को भी सुशोभित किया।
विज्ञापन
नौकरी के बाद शिक्षा के क्षेत्र में काम करने के दौरान उन्होेंने राजनीति की तरफ रुख किया और 3 दिसंबर 1995 को मऊ नगर पालिका की प्रथम महिला नगर पालिका अध्यक्ष के रूप में शपथ ली।
विधानसभा चुनाव में भी उन्होेंने घोसी से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा है। राना खातून ने बताया कि उन्हें इस कार्य में कोई परेशानी नहीं हुई, क्योंकि उन्हें परिवार से काफी सहयोग मिला।
उनका कहना है कि महिलाओं को अपने दिमाग से इस बात को निकाल देना चाहिए कि कोई भी कार्य महिला होने के नाते वह नहीं कर सकती हैं। मन में दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो महिलाएं किसी भी कार्य को भलीभांति पूरा कर सकती हैं और अपना मुकाम बना सकती हैं।
विज्ञापन
वह खुद भी एनसीसी के मेजर पद पर रहीं। उन्हें नगर पालिका परिषद की पहली महिला अध्यक्ष होने का भी गौरव प्राप्त है। उनका कहना है उनका पूरा जीवन सिर्फ शिक्षा के लिए ही समर्पित है। वह चाहती हैं कि बेटियों पढ़-लिखकर खुद का संबल बनें।
विज्ञापन
मूल रूप से आजमगढ़ जिले के सदर चौक की निवासी राना खातून का जीवन मऊ की राजनीति एवं शिक्षा के लिए ही समर्पित रहा। वह मऊ के परदहां में अब रहती है।
वह वर्तमान में पांच शिक्षण संस्थानों के माध्यम से बच्चियों को शिक्षित कर रही हैं। जिनमें कक्षा एक से लेकर बीटीसी की छात्राएं पढ़ती हैं।
प्रतिदिन राना खातून सभी शिक्षण संस्थानों में एक बार जरूर जाती हैं। साथ ही अपने संस्थान में पढ़ने वाली एनसीसी के छात्राओं को स्वयं ट्रेनिंग देती हैं।
राना खातून ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद 4 जुलाई 1988 को सेकेंड लेफ्टिनेंट का पद हासिल किया। उसके बाद उन्होंने एनसीसी में लेफ्टिनेंट, कैप्टन और मेजर के पद को भी सुशोभित किया।
विज्ञापन
नौकरी के बाद शिक्षा के क्षेत्र में काम करने के दौरान उन्होेंने राजनीति की तरफ रुख किया और 3 दिसंबर 1995 को मऊ नगर पालिका की प्रथम महिला नगर पालिका अध्यक्ष के रूप में शपथ ली।
विधानसभा चुनाव में भी उन्होेंने घोसी से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा है। राना खातून ने बताया कि उन्हें इस कार्य में कोई परेशानी नहीं हुई, क्योंकि उन्हें परिवार से काफी सहयोग मिला।
उनका कहना है कि महिलाओं को अपने दिमाग से इस बात को निकाल देना चाहिए कि कोई भी कार्य महिला होने के नाते वह नहीं कर सकती हैं। मन में दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो महिलाएं किसी भी कार्य को भलीभांति पूरा कर सकती हैं और अपना मुकाम बना सकती हैं।