मऊ। पुरानी पेंशन बहाली सहित दस मांगों को लेकर डाकर्मियों ने बुधवार को प्रदर्शन किया। एनएफपीई के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर संगठन के मंडलीय सचिव राजकुमार यादव की उपस्थिति में केंद्र सरकार की निजीकरण की नीति का विरोध करते हुए डाककर्मी आंदोलित रहे। प्रधान डाकघर के मुख्य द्वार पर कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। शाखा सचिव धीरज राय ने बताया कि संगठन की मांगों में प्रस्तावित निजीकरण रद्द करने, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में पोस्ट आफिस का विलय न करने, रिक्त पदों को जल्द भरने की मांगें शामिल हैं। उन्होंने पुरानी पेंशन को टालने की बजाए जल्द बहाल करने की मांग की। कहा कि 18 महीने के बकाया डीए का भुगतान तत्काल किया जाए। अन्य केंद्रीय कार्यालयों की तरह सप्ताह में केवल पांच दिन का कार्य दिवस बनाया जाए। प्रमोशन की प्रणाली सरल और पारदर्शी बनाई जाए। चंद्रा कमेटी की रिपोर्ट तत्काल लागू की जाए और आठवें वेतन आयोग का गठन किया जाए। धीरज राय ने बताया कि अगर सरकार ने संगठन की मांगों पर विचार नहीं किया तो स्वतंत्रता दिवस पर संगठन कुछ कड़े निर्णय लेने पर विचार करेगा। आंदोलन में शाखा सचिव धीरज राय, श्रीनिवास यादव, झारखंडे यादव, राजेश यादव, पल्लवी पांडेय, पंकज भारती, वेद प्रकाश सिंह, सुवाष कुमार, आरपी सिंह, देवेंद्र कुमार, रमेश मिश्र, विमलेश कुमार, मुन्ना लाल चौरसिया, प्रज्ञा प्रभाकर धूसिया, सुधीर चौरसिया, सुमंत राजभर सहित सभी डाककर्मी शामिल रहे।