{"_id":"59dbb83a4f1c1bda538b66e7","slug":"demolition-after-death-of-injured-student","type":"story","status":"publish","title_hn":"घायल छात्र की मौत के बाद तोड़फोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घायल छात्र की मौत के बाद तोड़फोड़
mau news
Updated Mon, 09 Oct 2017 11:26 PM IST
विज्ञापन
पूर्व सांसद के पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रदर्शन करते छात्र।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। कोतवाली क्षेत्र के टड़वां चौबेपुर गांव स्थित एक निजी पालीटेक्निक कालेज के हादसे में घायल छात्र की सोमवार को मौत से नाराज छात्रों ने कक्षा का बहिष्कार कर दिया। छात्र की मौत के लिए कालेज प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए तोड़फोड़ भी की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्रों को शांत कराया। कालेज प्रशासन ने छात्रों से वार्ता कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
मुहम्मदाबाद गोहना के इंद्रमोहन मेमोरियल पालीटेक्निक कालेज का छात्र मिथिलेश गिरी पांच अक्तूबर को रात आठ बजे कॉलेज के बाहर बाइक की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हो गया था। छात्रों का आरोप है कि दुर्घटना के बाद कालेज के प्रबंधक को फोन किया गया तो उन्होंने काट दिया और मौके पर नहीं आए। इस कारण हादसे के एक घंटे बाद छात्र को अस्पताल ले जाया जा सका था। इस कारण उसको समय से इलाज नहीं मिल सका था। सोमवार को छात्र की मौत हो गई। जानकारी होने पर छात्रों ने कालेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया। कक्षों के बाहर लगे नेम प्लेट तोड़ दिए। शौचालय के भीतर तोड़फोड़ की। बिजली के बोर्ड उखाड़ दिए और बेंचों को भी नुकसान पहुंचाया। छात्रों ने साथी की मौत के लिए कालेज प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने छात्रों को शांत कराया। कालेज प्रबंधन तंत्र ने भी छात्रों के साथ बैठक कर गिला शिकवा दूर करने का प्रयास किया।
इनसेट
पढ़ाई व्यवस्था पर उठाया सवाल
इंद्रमोहन पालीटेक्निक कालेज में सोमवार को हंगामा करने वाले छात्रों ने कालेज में शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। छात्रों का कहना है कि कालेज में योग्य शिक्षक न होने से असुविधा हो रही है। हास्टल में रहने वाले छात्रों के लिए जनरेटर नहीं चलाया जाता है। इससे गर्मी में काफी परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
क्या कहते हैं प्रबंधक
प्रबंधक विक्रम चौहान ने आरोपों के बारे में कहा कि हादसे के बाद मुझे किसी के द्वारा सूचना दी गई थी, लेकिन शहर से बाहर होने और मोबाइल का नेटवर्क न होने के कारण संपर्क नहीं हो सका था। उन्होंने दावा किया कि सभी विषयों के योग्य शिक्षकों की तैनाती हुई है। जहां तक जनरेटर चलाने का सवाल है तो कालेज में पढ़ाई के दौरान बिजली न रहने पर जनरेटर चलाया जाता है। हॉस्टल में रहने वाले छात्रों से लाजिंग का शुल्क नहीं लिया जाता है। फिर भी आवश्यकतानुसार जनरेटर चलाया जाता है।
विज्ञापन
मुहम्मदाबाद गोहना के इंद्रमोहन मेमोरियल पालीटेक्निक कालेज का छात्र मिथिलेश गिरी पांच अक्तूबर को रात आठ बजे कॉलेज के बाहर बाइक की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हो गया था। छात्रों का आरोप है कि दुर्घटना के बाद कालेज के प्रबंधक को फोन किया गया तो उन्होंने काट दिया और मौके पर नहीं आए। इस कारण हादसे के एक घंटे बाद छात्र को अस्पताल ले जाया जा सका था। इस कारण उसको समय से इलाज नहीं मिल सका था। सोमवार को छात्र की मौत हो गई। जानकारी होने पर छात्रों ने कालेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया। कक्षों के बाहर लगे नेम प्लेट तोड़ दिए। शौचालय के भीतर तोड़फोड़ की। बिजली के बोर्ड उखाड़ दिए और बेंचों को भी नुकसान पहुंचाया। छात्रों ने साथी की मौत के लिए कालेज प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने छात्रों को शांत कराया। कालेज प्रबंधन तंत्र ने भी छात्रों के साथ बैठक कर गिला शिकवा दूर करने का प्रयास किया।
विज्ञापन
इनसेट
पढ़ाई व्यवस्था पर उठाया सवाल
इंद्रमोहन पालीटेक्निक कालेज में सोमवार को हंगामा करने वाले छात्रों ने कालेज में शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। छात्रों का कहना है कि कालेज में योग्य शिक्षक न होने से असुविधा हो रही है। हास्टल में रहने वाले छात्रों के लिए जनरेटर नहीं चलाया जाता है। इससे गर्मी में काफी परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
क्या कहते हैं प्रबंधक
प्रबंधक विक्रम चौहान ने आरोपों के बारे में कहा कि हादसे के बाद मुझे किसी के द्वारा सूचना दी गई थी, लेकिन शहर से बाहर होने और मोबाइल का नेटवर्क न होने के कारण संपर्क नहीं हो सका था। उन्होंने दावा किया कि सभी विषयों के योग्य शिक्षकों की तैनाती हुई है। जहां तक जनरेटर चलाने का सवाल है तो कालेज में पढ़ाई के दौरान बिजली न रहने पर जनरेटर चलाया जाता है। हॉस्टल में रहने वाले छात्रों से लाजिंग का शुल्क नहीं लिया जाता है। फिर भी आवश्यकतानुसार जनरेटर चलाया जाता है।