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जिम्मेदारों के सामने पार करते हैं रेलवे ट्रैक

Thu, 17 Nov 2022 10:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 17 Nov 2022 10:30 PM IST
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Crossing the railway track in front of the responsible
इंदारा रेलवे स्टेशन पर फुटओवरब्रिज न होने पर जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार करते लोग। - फोटो : MAU
अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर बीते दिन रेलवे ट्रैक पर करते समय जिले के मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र के भाई बहन और आठ माह की मासूम की मौत ट्रेन की चपेट में होने से हो गई थी। यह हादसा रेलवे ट्रैक पार करते समय हुआ। लेकिन ऐसी ही लापरवाही मऊ और इंदारा जंक्शन पर हो रही है। यहां फुट ओवरब्रिज न होने से यात्री रेलवे ट्रैक पार करते हैं। ऐसे में यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। यात्री जल्दी के चक्कर में जान को दांव पर लगाकर रेलवे ट्रैक पार करते हैं। जिम्मेदारों का दावा है कि उनके द्वारा कार्रवाई भी की जाती है, साथ ही रेलवे ट्रैक पार न करने के प्रति जागरूक किया जाता है।
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बताते चले कि वर्ष 2018 में विद्युतीकरण के दौरान रेलवे द्वारा मऊ जंक्शन और इंदारा जंक्शन पर बने पुराने फुट ओवरब्रिज को तोड़ दिया गया था। विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद अब कुछ माह पहले ही इंदारा जंक्शन पर फुट ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हुआ है। वहीं मऊ जंक्शन पर पुराने फुटओवर ब्रिज को लेकर अब तक कोई कवायद नहीं हुई है। लेकिन यहां एक ओर फुट ओवरव्रिज की सुविधा है, लेकिन लंबा प्लेटफार्म होने के चलते यहां दो फुट ओवरब्रिज की जरूरत है। ऐसे में मऊ जंक्शन पर एक फुट ओवरब्रिज होने के बावजूद लोग ट्रेन के आने पर प्लेटफार्म दो, तीन तथा चार पर पहुंचने के लिए पार्सल रूम के पास से रेलवे ट्रैक पार प्लेटफार्म पर पहुंचते हैं। वहीं इंदारा में वर्तमान में फुट ओवरब्रिज न होने से रेलवे ट्रैक पार करना यात्रियों की मजबूरी है।
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हादसे होने के बाद भी नहीं चेत रहे
सूत्रों की माने तो आरपीएफ के क्षेत्र सीमा सादात से लेकर बेल्थरारोड स्टेशन, मऊ से मुहम्मदाबाद गोहना, इंदारा से रसड़ा स्टेशन तक बीते एक वर्ष में 70 हादसे रेलवे ट्रैक पर हो चुके हैं। इसमें 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। विभाग का दावा है कि जांच में इसमें 70 फीसदी मामले में आत्महत्या के हैं, लेकिन रेलवे ट्रैक पार करते समय हादसे की संभावना से जिम्मेदार इन्कार नहीं कर रहे हैं। इतना ही जिम्मेदारों की माने तो बीते एक वर्ष में आरपीएफ ने रेलवे ट्रैक पार करने के मामले में 145 लोगों पर 147 रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
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