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राजनीति छोड़ अपराध की राह पकड़ ली
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Sun, 08 Nov 2015 11:30 PM IST
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रुपयों की चाहत ने एक छात्रनेता को हत्यारोपी बना दिया। ग्लैमर के साथ चुनाव लड़ने एवं अपने साथी की उसके प्रेमिका के साथ घर बसाने के लिए स्वर्ण व्यवसायी के पुत्र के अपहरण और हत्या की साजिश रच दी। मामले में किसी प्रकार का अंदेशा उसपर न हो और रकम मिलने के बाद स्वर्ण व्यवसायी उनकी पोल न खोल दे, इसलिए फिरौती की रकम मिलने से पहले ही युवक की हत्या कर दी।
पकड़ा गया छात्रनेता रामविजय यादव निवासी महुआबारी डीसीएसकेपीजी कालेज में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है। वह काफी दिनों से छात्रसंघ चुनाव लड़ने की राजनीति करता था और अपनी पूरी तैयारी भी कर चुका था।
चुनाव में पैसे की कमी उसके आड़े आ रही थी। उसकी मुलाकात महाविद्यालय के ही बगल के उसके साथी यशवंत राव से हुई। यशवंत राव को भी पैसे की आवश्यकता थी।
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वह अपनी प्रेमिका के साथ कहीं दूर जाकर बसने के लिए पैसे की तलाश में था। दोनों मिलकर पैसे की आवश्यकता के पूर्ति के लिए योजना बनाई।
इसके लिए यशवंत के साथी आकाश वर्मा को ही उन्होंने निशाना बनाने की ठानी। आकाश वर्मा यशवंत राव के आशनाई का साथी था। बताया जाता है कि दोनों का किसी अलग-अलग युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी को लेकर दोनों में गहरी दोस्ती भी थी।
पुलिस अधीक्षक शिवप्रसाद उपाध्याय ने बताया कि दोनों आरोपियों ने पैसे की ही आवश्यकता के लिए आकाश वर्मा की हत्या एवं अपहरण करने की बात स्वीकार की है। प्रेम प्रसंग का घटना से कोई लेना देना नहीं है।
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पकड़ा गया छात्रनेता रामविजय यादव निवासी महुआबारी डीसीएसकेपीजी कालेज में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है। वह काफी दिनों से छात्रसंघ चुनाव लड़ने की राजनीति करता था और अपनी पूरी तैयारी भी कर चुका था।
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चुनाव में पैसे की कमी उसके आड़े आ रही थी। उसकी मुलाकात महाविद्यालय के ही बगल के उसके साथी यशवंत राव से हुई। यशवंत राव को भी पैसे की आवश्यकता थी।
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वह अपनी प्रेमिका के साथ कहीं दूर जाकर बसने के लिए पैसे की तलाश में था। दोनों मिलकर पैसे की आवश्यकता के पूर्ति के लिए योजना बनाई।
इसके लिए यशवंत के साथी आकाश वर्मा को ही उन्होंने निशाना बनाने की ठानी। आकाश वर्मा यशवंत राव के आशनाई का साथी था। बताया जाता है कि दोनों का किसी अलग-अलग युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी को लेकर दोनों में गहरी दोस्ती भी थी।
पुलिस अधीक्षक शिवप्रसाद उपाध्याय ने बताया कि दोनों आरोपियों ने पैसे की ही आवश्यकता के लिए आकाश वर्मा की हत्या एवं अपहरण करने की बात स्वीकार की है। प्रेम प्रसंग का घटना से कोई लेना देना नहीं है।