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हत्या में प्रधान प्रतिनिधि सहित चार गिरफ्तार

Thu, 14 Feb 2019 11:31 PM IST
mau Published by: पवन सिंह Updated Thu, 14 Feb 2019 11:31 PM IST
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Four arrested including principal representative in murder
लेखपाल हत्याकांड के मामले में पकड़े गए चार आरोपियों का मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे पुलिसकर्मी। - फोटो : mau
 शहर कोतवाली क्षेत्र के सहादतपुरा मुहल्ला स्थित गौतम बिहार कालोनी में बीते दिनों हुई लेखपाल की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा किया। इस दौरान नसोपुर गांव के प्रधान पति सहित चार को पुलिस ने हिरासत में लिया। एसपी कार्यालय में मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र बहादुर ने बताया कि जमीन के एक मामले में हत्यारोपियों का लेखपाल से विवाद चल रहा था। इस दौरान घटना के दिन पंचायत करने के लिए आरोपीगण लेखपाल के घर गए थे। वहां उनसे पुन: विवाद हो गया। इस दौरान गिरफ्तार आरोपियों में विनोद और फरार चल रहे अरविंद ने लेखपाल पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उन्हे मौत के घाट उतार दिया।
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  एसपी ने बताया कि हत्या में शामिल पखईपुर गांव के प्रधान पति अरविंद सिंह फरार चल रहें हैं, एसपी के अनुसार वो माफिया और पूर्व ब्लाक प्रमुख परदहां रमेश सिंह काका के काफी करीबी है। पुलिस अधीक्षक की मानें तो रमेश सिंह काका भी इस मामले में लेखपाल धीरज से पंचायत कर चुकें थे। लेकिन लेखपाल उनकी भी नहीं सुना। पुलिस अधीक्षक के अनुसार इस मामले में रस्तीपुर गांव निवासी जगन्नाथ राम पुत्र स्व. संत प्रसाद के साथ उसके पुत्र विनोद, भतीजा मनोज पुत्र रामनाथ तथा नसोपुर गांव के प्रधान प्रतिनिधि हरिभवन उर्फ छन्नू यादव पुत्र बाबू राम यादव गिरफ्तार किए गए है। जबकि फरार चल रहें जगन्नाथ का पुत्र सोनू और अरविंद सिंह की तलाश की जा रही है। इस मामले में पूर्व ब्लाक प्रमुख की भूमिका घटना की साजिश रचने की है। एसपी के अनुसार विवाद के बाद विनोद और अरविंद ने लेखपाल पर फायर किया था। पुलिस के अनुसार विवाद था कि जगन्नाथ के परिवार की महिला फूलवासी देवी पति की मौत के बाद अपने ननदोई के साथ रहने लगी। इस दौरान गांव में मौजूद कीमती जमीन पर वह अपना कब्जा चाहती थी।
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जगन्नाथ जब उस जमीन पर निर्माण कराने लगें तो फूलवासी ने आपत्ति लगाते हुए प्रार्थना पत्र सौंपा। इस पर लेखपाल ने मकान के निर्माण को रोकवा दिया था। इसको लेकर पूर्व में लेखपाल और जगन्नाथ के परिवार के बीच कहासुनी भी हुई थी। इस दौरान जगन्नाथ और उनके परिवार के सदस्यों ने लेखपाल के साथ दुर्व्यवहार भी किया था। इस खुन्नस में लेखपाल ने रमेश सिंह काका की पैरवी को भी नकार दिया। इस पर घटना के दिन प्रधान प्रतिनिधि हरिभवन उर्फ छन्नू के साथ जगन्नाथ, मनोज, विनोद और सोनू, अरविंद सुलह समझौता करने के लिए लेखपाल के घर गए। यहां उनके बीच वार्ता हुई। लेकिन पूर्व में हुई घटना का हवाला देकर धीरज ने उनका साथ देने से साफ इंकार कर दिया।
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इस पर उनके बीच विवाद हो गया, तभी लेखपाल की पत्नी वहां आई थी, उन्होंने हमलावरों को देखा। बाद में बात बढ़ने पर लेखपाल ने सभी को धक्का देकर घर से बाहर किया, तो अरविंद और विनोद ने लेखपाल पर फायर कर दिया। मामले का खुलासा करने वाली टीम को डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र ने पैंतालिस हजार रुपया तथा एसपी ने दस हजार रुपये का ईनाम देने की घोषणा किया। 
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