दोहरीघाट। कई दिनों से तेजी से बढ़ रहा सरयू नदी का जलस्तर शनिवार को स्थिर रहा। लेकिन खतरा अब भी बरकरार है। भारत माता मंदिर की सुरक्षा में रखे बोल्डरों में दरारें पड़ गई है। सिंचाई विभाग दरार को ठीक करने में जुटा है। 1998 के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नदी का जलस्तर 71.50 मीटर पहुंच गया है। जो खतरे के निशान से एक मीटर 60 सेमी ऊपर है। नगर के दो और मोहल्लों ख़ातिकटोला और यादव बस्ती में बाढ़ का पानी घुस जाने से पांच मोहल्लों में हाहाकार मच गया है। तटवर्ती इलाकों की हजारों एकड़ फसल डूब गई है जिससे पशुओं के चारे की समस्या पैदा हो गई है। उधर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. दिनेश कुमार यादव के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने बाढ़ पीड़ित इलाकोें में दवाएं बांटीं। बाढ़ से प्रभावित मुहल्लों की निगरानी अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार कर रहे हैं। दुबारी : कई गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों को नारकीय जीवन जीना पड़ रहा है। नदी का जलस्तर शनिवार को परसिया हाहा नाला हेड रेगुलेटर पर 67.50 मीटर पर स्थिर रहा। खतरा निशान 66.31 तक है। जलस्तर बढ़ने से चक्की मुसाडोही से धर्मपुर बिशुनपुर तक संपर्क मार्ग जलमग्न हो गया है। लोग रिश्तेदारी सहित सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। मझवारा : पवनी गांव में माइनर का पानी ओवरफ्लो होने से कई घरों में घुस गया। शारदा सहायक खंड 32 से संबद्ध पवनी माइनर पवनी गांव होते हुए विभिन्न गांवों से गुजरी है। शुक्रवार की रात माइनर से पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहने लगा और कुछ ही देर में घरों में घुसने लगा। शनिवार की दोपहर तक तकपवनी, खैरामुहम्मदपुर के कई पुरवों में माइनर का पानी का ओवरफ्लो होना जारी था। उधर, जिलाधिकारी अरुण कुमार ने जनपद के दूरस्थ ग्राम सभाओं, चक्की मूसाडोही एवं मूसाडोही में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। साथ ही बाढ़ प्रभावितों के लिए बनाए गए आश्रय स्थल एवं कम्युनिटी किचन सेंटर का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपजिलाधिकारी मधुबन को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बनाए गए आश्रय स्थलों पर साफ-सफाई, चारपाई, दरी तथा पर्याप्त मात्रा में प्रकाश की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। श्रीराम महाविद्यालय तेलिया कला में स्थापित आश्रय स्थल में कम्युनिटी किचन सेंटर भी शुरू हो गया है। इस दौरान एसडीएम मधुबन मनोज कुमार तिवारी, सीडीओ डॉ. नरेश अग्रवाल, जिला पूर्ति अधिकारी विकास गौतम, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सहित जिलास्तरीय अधिकारी शामिल रहे।

महुआनी पुरवा में घुसा बाढ़ का पानी।संवाद- फोटो : MAU

दोहरीघाट कस्बा में घुसा सरयू नदी का पानी।संवाद- फोटो : MAU