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Mau News: मौसम में बदलाव, बूंदाबांदी होने से किसानों की बढ़ी चिंता
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सोमवार को आसमान में कुछ इस तरह से छाई बदली।संवाद
मऊ। जिले में कई दिनों से पड़ रही गर्मी के बाद सोमवार को दोपहर के बाद नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में बूंदाबांदी हुई। मौसम में बदलाव देख किसानों को फसल नुकसान होने की चिंता सताने लगी है।
मौसम वैज्ञानिकों ने 29 अक्तूबर तक बारिश होने की संभावना जताई है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उससे सटे उत्तरी मैदानी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने से सोमवार को मौसम में बदलाव दिखा। सुबह से आसमान में घने बादल छाए रहे। दोपहर बाद नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में बूंदाबांदी हुई। मौसम ठंडा रहा। तापमान पर नजर डाली जाए तो सोमवार को अधिकतम तापमान 32, न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता 76 प्रतिशत रही। छह किमी की रफ्तार से हवा चल रही थी।
लेकिन मौसम में बदलाव से किसानों को फसल नुकसान की चिंता सताने लगी है। आंकड़ों में जिले में 90 हजार हेक्टेयर खेत में धान की रोपाई की गई है। किसानों की अगेती धान की फसल पक गई है। जबकि पछेती की धान की फसल पक रही है। इस संबंध मेें किसान सुरेश सिंह, रविंद्र यादव, सूर्यनाथ प्रसाद, मनोज वर्मा का कहना था कि फसल तैयार हो गई है, लेकिन प्रकृति के प्रकोप के चलते तैयार पैदावार को घर ले जाना मुश्किल लग रहा है। कृषि वैज्ञानिकाें ने बताया की तेज हवा के साथ बारिश होने की स्थिति में तैयार फसल गिर सकती है। दलहन, तिलहन फसल की बुआई पिछड़ सकती है।
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कोट
बारिश होने की स्थिति में सभी फसलों पर पड़ेगा। दलहन, तिलहन की बुआई पिछड़ सकती है। किसान लहसुन सहित अन्य फसलों की बुआई के लिए किसानों को तीन दिनों तक इंतजार करना चाहिए। 29 अक्तूबर तक बारिश का अनुमान है।
डॉ. विनय कुमार सिंह, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, पिलखी
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मौसम वैज्ञानिकों ने 29 अक्तूबर तक बारिश होने की संभावना जताई है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उससे सटे उत्तरी मैदानी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने से सोमवार को मौसम में बदलाव दिखा। सुबह से आसमान में घने बादल छाए रहे। दोपहर बाद नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में बूंदाबांदी हुई। मौसम ठंडा रहा। तापमान पर नजर डाली जाए तो सोमवार को अधिकतम तापमान 32, न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता 76 प्रतिशत रही। छह किमी की रफ्तार से हवा चल रही थी।
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लेकिन मौसम में बदलाव से किसानों को फसल नुकसान की चिंता सताने लगी है। आंकड़ों में जिले में 90 हजार हेक्टेयर खेत में धान की रोपाई की गई है। किसानों की अगेती धान की फसल पक गई है। जबकि पछेती की धान की फसल पक रही है। इस संबंध मेें किसान सुरेश सिंह, रविंद्र यादव, सूर्यनाथ प्रसाद, मनोज वर्मा का कहना था कि फसल तैयार हो गई है, लेकिन प्रकृति के प्रकोप के चलते तैयार पैदावार को घर ले जाना मुश्किल लग रहा है। कृषि वैज्ञानिकाें ने बताया की तेज हवा के साथ बारिश होने की स्थिति में तैयार फसल गिर सकती है। दलहन, तिलहन फसल की बुआई पिछड़ सकती है।
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बारिश होने की स्थिति में सभी फसलों पर पड़ेगा। दलहन, तिलहन की बुआई पिछड़ सकती है। किसान लहसुन सहित अन्य फसलों की बुआई के लिए किसानों को तीन दिनों तक इंतजार करना चाहिए। 29 अक्तूबर तक बारिश का अनुमान है।
डॉ. विनय कुमार सिंह, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, पिलखी