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सीसीयू वार्ड : बजट की कमी से काम में एक साल की देरी

Tue, 21 Jul 2026 12:33 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2026 12:33 AM IST
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CCU Ward: Work delayed by a year due to budget crunch.
जिला अस्पताल में अधूरा पड़ा सीसीयू वार्ड।संवाद
जिला अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों के बेहतर उपचार के लिए बन रहे 28 करोड़ की लागत वाले सीसीयू वार्ड का इंतजार बजट के अभाव में लंबा खिंचता जा रहा है।
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दो साल में बनने वाले 100 बेड के सीसीयू वार्ड को पहले अप्रैल 2025 में हैंडओवर होना था, लेकिन बजट के अभाव में यह एक साल और लंबा खिंचकर मार्च 2026 तक पहुंच गया।
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अब तय समय अवधि के चार माह बीतने के बाद भी यह हैंडओवर नहीं हो सका है। अब भी 30 फीसदी से अधिक कार्य अधूरा है। उधर, इसके पीछे कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के जिम्मेदार आखिरी किस्त न मिलने के चलते कार्य धीमा होने की बात कह रहे हैं।
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उनका तर्क है कि यह राशि समय पर मिल जाती तो संस्था पहले ही तय समय पर इस भवन को हैंडओवर कर देती। उधर, इस संबंध में सीएमएस का कहना है कि उनके द्वारा शेष राशि को लेकर शासन को मांग पत्र भेजा जा चुका है।
वहीं, इस दौरान बेहतर सुविधा के अभाव में हर दिन चार से पांच गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर के लिए रेफर किया जा रहा है।
जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए 100 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक के निर्माण को लेकर जिला अस्पताल परिसर में करीब 6000 वर्ग मीटर जमीन चिह्नित की गई है। यहां 28 करोड़ 46 लाख से अधिक की राशि से भवन बनाया जा रहा है।
इस क्रिटिकल केयर ब्लॉक में आईसीयू, आइसोलेशन वार्ड, हाई डिफेंसिव यूनिट (एचडीयू), वेंटिलेटर के साथ हर बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध होगी। एक नवंबर 2023 को इसके निर्माण को मंजूरी देने के बाद काम शुरू कर दिया गया है।
यह कार्य 31 अप्रैल 2025 तक पूरा होना था, लेकिन बजट न मिलने से इसकी समय सीमा बढ़ाकर मार्च 2026 तक कर दी गई थी। उधर, दोबारा तय समय के चार माह बीतने के बाद भी वर्तमान में अब भी 70 फीसदी से कम काम ही पूरा हुआ है।
इस संबंध में कार्यदायी संस्था के अवर अभियंता गोविंद ने बताया कि 28 करोड़ 46 लाख से बन रहे भवन के लिए अब तक 21 करोड़ 34 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं।
आखिरी किस्त के आठ करोड़ से अधिक की राशि को लेकर मार्च माह में सीएमओ को पत्र भेजा गया था, अब तक यह राशि नहीं मिल सकी है। जिसके चलते कार्य अधूरा है। बताया कि अगर यह राशि जुलाई या अगस्त माह में मिल जाती तो अधूरा कार्य छह माह में पूरा हो जाएगा।
सड़क निर्माण, सेफ्टी टैंक, सीवर लाइन का काम बाकी
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. धनंजय कुमार ने बताया कि बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल में एक साल से अधिक समय से चार बेड का आईसीयू वार्ड संचालित हो रहा है। लेकिन कई मामलों में गंभीर मरीजों को हायर सेंटर के लिए रेफर करना पड़ता है। यह संख्या कभी पांच से छह तो कभी चार से पांच रह रही है। बताया कि सीसीयू वार्ड बनने से इन मरीजों का यहां ही इलाज हो सकेगा। उधर, कार्यदायी संस्था के अवर अभियंता ने बताया कि रोड बनना, फिनिशिंग, सेफ्टी टैंक और सीवर लाइन का कार्य बाकी है, जिसे शेष राशि मिलने के बाद पूरा कराकर हैंडओवर करा दिया जाएगा।

सीसीयू वार्ड में मिलने वाली सुविधाएं
जिला अस्पताल में अभी हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है, जबकि सीसीयू वार्ड में यह अनिवार्य रूप से होंगे। सीसीयू वार्ड में निरंतर कार्डियक मॉनिटरिंग के साथ आपातकालीन जीवन रक्षक उपकरण उपलब्ध होते हैं, जिसमें दिल का दौरा पड़ने पर तुरंत झटका देने के लिए डिफाइब्रिलेटर और सांस लेने में दिक्कत होने पर वेंटिलेटर मौजूद होते हैं। वहीं, इसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम, हृदय रोग विशेषज्ञ और क्रिटिकल केयर नर्सों की टीम 24 घंटे मरीजों की देखभाल और आपातकालीन प्रक्रियाओं के लिए तैनात रहती है। दवाइयों की त्वरित आपूर्ति के साथ गंभीर मरीजों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने से बचाने के लिए बेड के पास ही एक्सरे, इकोकार्डियोग्राम और ब्लड टेस्ट की सुविधा दी जाती है।
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