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यहां भी मिला फर्जीवाड़ा: फर्जी शिक्षिका रंभा पांडेय और ममता राय के खिलाफ मुकदमा दर्ज, दोनों की तलाश जारी

Sun, 21 Jun 2020 11:09 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Sun, 21 Jun 2020 11:09 PM IST
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Case filed against fake teacher Rambha Pandey and Mamta Rai
teacher demo pic

मऊ जिले के रतनपुरा ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात फर्जी शिक्षिका रंभा पांडेय और ममता राय के खिलाफ हलधरपुर थाने की पुलिस ने शनिवार की देर शाम को मुकदमा दर्ज कर लिया। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस अब इन दोनों महिलाओं का सुराग लगा रही है। डीएम के कड़े रुख को देखते हुए बीएसए कार्यालय सहित अध्यापकों में हड़कंप की स्थिति है।

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बीएसए ओपी त्रिपाठी के अनुसार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी महाराजगंज के पत्रांक अर्थ-1/बीटीसी 95-96 के अनुसार 22 अगस्त 1995 को ममता राय की नियुक्ति कन्या प्राथमिक विद्यालय मिठौरा (महराजगंज, जिला) पर हुई थी। वह तबादला अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के तहत सचिव बेसिक शिक्षा के आदेश पर 14 अगस्त 2000 को मऊ के ग्रामीण क्षेत्र के लिए हुआ। बीएसए महाराजगंज ने ममता राय को 4 सितंबर 2002 को मऊ के लिए कार्यमुक्त किया। यहां ज्वाइनिंग के बाद ममता राय को किस विद्यालय पर पदस्थापित किया गया, यह सेवा पुस्तिका में अंकित नहीं है।
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मऊ के तत्कालीन बीएसए के आदेश पर दिनांक 6 नवंबर 2000 को ममता राय का पदस्थापन प्राथमिक विद्यालय बेलौझा-1 के लिए किया गया। वहां से पदोन्नति पाकर वह उच्च प्राथमिक स्कूल मुबारकपुर रतनपुरा में पहुंच गई। ममता राय के नाम पर नौकरी करने वाली शिक्षिका जांच में रंभा पांडेय निकली। बीएसए के अनुसार चूंकि ममता राय के नाम पर रंभा पांडेय काम कर रही थी, इसलिए दोनों को कदाचार की दोषी मानकर दोनों के विरुद्ध एफआईआर करा दी गई है।

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पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या वास्तव में ममता राय नामक कोई शिक्षिका भी है, जिसके नाम का दुरुपयोग रंभा ने किया या रंभा वैसे ही छद्म नाम रखकर धोखे से नौकरी करती रही। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि क्या महराजगंज में वास्तव में कोई ममता राय शिक्षिका है जिसकी 22 अगस्त 1995 को नियुक्ति का जिक्र है।

25 सालों से करती रही नौकरी: ममता राय के नाम पर रंभा पांडेय 25 सालों से नौकरी करती रही और विभाग के अधिकारियों को भनक तक नहीं लगी। महराज गंज से ममता राय के तबादला लेकर आई रंभा पांडेय बलिया जिले के ताखा गांव की निवासिनी है।

डीएम के आदेश पर जब बीईओ राकेश कुमार चतुर्वेदी 10 जून को ताखा गांव पहुंचे तो वहां ममता राय नाम की कोई महिला नहीं मिली। बीईओ ने ममता राय नामक शिक्षिका की फोटो दिखाया तो ग्राम प्रधान ने उसकी पहचान रंभा पांडेय के रूप में किया। यहीं से चली जांच में फर्जी शिक्षिका का भंडा फूट गया। डीएम के वाट्सऐप पर आई शिकायत पर विभागीय जांच की गई।

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