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कैबिनेट मंत्री ने बुलंद की रसोइयों की आवाज
Tue, 25 Dec 2018 11:55 PM IST
पवन सिंह
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Published by: पवन सिंह
Updated Tue, 25 Dec 2018 11:55 PM IST
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नगर के हिन्दी भवन सभागार में रसोइयां संघ के सम्मेलन को संबोधित करते मंत्री ओमप्रकाश राजभर।
- फोटो : mau
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अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसोइयां महासंघ का सम्मेलन मंगलवार को नगर के हिंदी भवन में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर रहे। रसोइयां संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन कैबिनेट मंत्री को सौंपा।
इस मौके पर मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि रसोइयों की मांग न्यायोचित है। अगर सरकार की तरफ से रसोइयों की मांग पूरी नहीं होती है तो हम रसोइयों के आंदोलन को पूरी तरह से समर्थन करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री के क्षेत्र में रसोइयों को लेकर आंदोलन करूंगा। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्रनाथ गौतम ने कहा कि मध्याह्न भोजन योजना में एमडीएम बनाने के लिए पूरे प्रदेश में लगभग चार लाख से अधिक अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति, सामान्य जाति के गरीब विधवा महिला, पुरुष रसोइयां कार्यरत हैं। विभाग की तरफ से मात्र एक हजार रुपया मानदेय मिलता है। मानदेय में हो रहे भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई से कराया जाए।
योजना के तहत कई जनपदों में एमडीएम को स्वयंसेवी संस्थाओं को दे दिया गया है। इसके चलते हजारों रसोइया बेरोजगार हो गए हैं। रसोइयों से मिड-डे मील बनवाया जाए। रसोइयों को दैनिक मजदूरी के हिसाब से प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। रसोइयों को 11 माह का मानदेय दिया जाए। इस मौके पर सुरेंद्र गौतम, संगीता यादव, सुनीता राजभर, रंजीत भारती, दीनानाथ, राजू कुमार शामिल रहे।
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इस मौके पर मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि रसोइयों की मांग न्यायोचित है। अगर सरकार की तरफ से रसोइयों की मांग पूरी नहीं होती है तो हम रसोइयों के आंदोलन को पूरी तरह से समर्थन करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री के क्षेत्र में रसोइयों को लेकर आंदोलन करूंगा। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्रनाथ गौतम ने कहा कि मध्याह्न भोजन योजना में एमडीएम बनाने के लिए पूरे प्रदेश में लगभग चार लाख से अधिक अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति, सामान्य जाति के गरीब विधवा महिला, पुरुष रसोइयां कार्यरत हैं। विभाग की तरफ से मात्र एक हजार रुपया मानदेय मिलता है। मानदेय में हो रहे भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई से कराया जाए।
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योजना के तहत कई जनपदों में एमडीएम को स्वयंसेवी संस्थाओं को दे दिया गया है। इसके चलते हजारों रसोइया बेरोजगार हो गए हैं। रसोइयों से मिड-डे मील बनवाया जाए। रसोइयों को दैनिक मजदूरी के हिसाब से प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। रसोइयों को 11 माह का मानदेय दिया जाए। इस मौके पर सुरेंद्र गौतम, संगीता यादव, सुनीता राजभर, रंजीत भारती, दीनानाथ, राजू कुमार शामिल रहे।
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