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चुनावी ड्यूटी में लगीं बसें, सफर हुआ मुश्किल

Fri, 10 Jun 2022 10:12 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jun 2022 10:12 PM IST
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Buses engaged in election duty, journey became difficult
नगर के रोडवेज पर बस के अभाव में एक बस के आने के बाद उसमें चढ़ने के लिए जद्दोजहद करते यात्री।संवाद - फोटो : MAU
मऊ। परिवहन निगम के दो डिपो से 17 रोडवेज बसों को चुनावी ड्यूटी में लगा दिए जाने से लोगों को सफर करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में डग्गामार वाहन संचालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। जबकि पहले से पता होने के बाद भी निगम का वैकल्पिक व्यवस्था न किया जाना यात्रियों के गले नहीं उतर रहा है।
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इन दिनों शादी विवाह का सीजन है। ऐसे में लोग बसों से यात्रा कर रहे हैं। लेकिन आजमगढ़ में लोकसभा उपचुनाव को लेकर परिवहन निगम ने डिपो से 12 बसें चुनावी ड्यूटी में भेज दी हैं। ऐसे में यहां बसों की कमी हो जाने से यात्री परेशान हो रहे हैं। डिपो में 51 बसे हैं। इनमें से 38 बसें संचालित की जा रही हैं। अब इनमें से 12 बसें आजमगढ़ भेज दिए जाने से बसें और कम हो गईं। जबकि दूसरी तरफ बसों के मुकाबले चालक और परिचालकों की संख्या भी कम होना बस संचालन में रोड़ा बन रहा है। दरअसल डिपो में 51 बसों के हिसाब से 104 चालकों की जरूरत है, वर्तमान में 78 चालक ही हैं। ऐसे में बसों का संचालन सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा भी कई बसें चालक और परिचालकों की कमी से खड़ी हो जा रही हैं। जितने हैं उन्हीं के भरोसे बसों का संचालन किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में बस स्टेशन आने वाले यात्रियों को बसों की कमी अखर रही है। लंबे और छोटे रूटों पर जैसे-तैसे बसें चलाई जा रही हैं। शादी-विवाह के इस मौसम के कारण भी लोगों को बसें नहीं मिल पा रही हैं। हालत यह है कि बस स्टेशन में बाहर से बस आते ही इंतजार कर रहे लोग बस की और दौड़ लगा दे रहे हैं। सीट पर कब्जे को लेकर मारामारी हो रही है। ज्यादा परेशानी परिवार के साथ यात्रा करने वालों को है। उधर, रोडवेज बसों की कमी का फायदा डग्गामार वाहन उठा रहे हैं। वह यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने में कोताही नहीं बरत रहे। हालत यह हो रही है कि किराए को नोकझोंक भी हो रही है। ऐसे में लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में घंटों लग रहे हैं। शिकायत के बाद भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा सकी है। एआरएम रमेश चंद्र ने बताया कि चुनाव ड्यूटी के लिए डिपो से 12 बसों को भेजा गया है। बसों की कमी के बीच जिन रूटों पर यात्रियों की संख्या अधिक है उन परपर्याप्त बसों को चलाने का प्रयास जारी है।
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