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जिला अस्पताल में हड्डी के आपरेशन बंद

Tue, 09 Aug 2022 12:03 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 09 Aug 2022 12:03 AM IST
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Bone operations stopped in district hospital
जिला अस्पताल के आपरेशन कक्ष में एक वर्ष से खराब पड़ी हड्डी के आपरेशन मं प्रयोग की जाने वाली सीआर्? - फोटो : MAU
मऊ। अगर आप हड्डी से जुड़े किसी मामले में जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं, तो ध्यान दें कि जिला अस्पताल में केवल प्लास्टर तथा माइनर ऑपरेशन ही हो सकेंगे। यहां आर्थो सर्जन भी हैं और संसाधन भी। लेकिन यह संसाधन खराब हैं। जिससे मेजर आपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद दूसरे हायर सेंटरों पर रेफर किया जा रहा है। जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी पूरी नहीं हो पाई है ऐसे में अस्पताल में विशेषज्ञों के अभाव में स्वास्थ्य सेवाएं लचर होतीं जा रही हैं। इन दिनों सबसे ज्यादा परेशानी दुर्घटनाओं में घायल सिर की चोट व हड्डी फैक्चर वाले मरीजों को हो रही है। ऐसा नहीं है कि यहां आर्थो सर्जन नहीं है, लेकिन आपरेशन में महत्वपूर्ण सी आर्म्स मशीन के खराब होने तथा दूसरे उपकरण न होने से मेजर आपरेशन यहां नहीं हो पा रहे हैं। अस्पताल सूत्रों की माने तो बीते एक वर्ष से यहां मेजर आपरेशन बंद पड़े हैं। यहां पर केवल प्लास्टर व माइनर ऑपरेशन की सुविधा है। वहीं मरीजों के आंकड़ों पर गौर करें तो जिला अस्पताल की इमरजेंसी में प्रतिमाह सड़क दुर्घटनाओं समेत हड्डी फैक्चर के कम से कम 30 मरीज पहुंचते हैं, जो माइनर ऑपरेशन के नहीं है। इन्हें मेजर ऑपरेशन की जरूरत होती है। इन सभी मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता है, जहां पर मोटी रकम चुकाना पड़ती है। अगर इन आंकड़ों को देखे तो एक वर्ष में 360 मरीज रेफर हो चुके हैं। वहीं मेजर ऑपरेशन में मरीजों को रेफर होने की स्थिति में मोटी रकम चुकानी पड़ रही है। कई निर्धन मरीजों को उपचार कराना तक मुश्किल हो जाता है। सी-आर्म एक छोटी एक्स-रे मशीन की तरह काम करती है। इस मशीन के सहयोग से डॉक्टर ऑपरेशन करते समय अंगों के थ्री-डी चित्र देख सकते हैं और टूटी हड्डी को जोड़ते समय प्लेट, रॉड लगाने की सही स्थिति का पता लगाते हैं। इस कारण ऑपरेशन में सटीकता बनी रहती है। मशीन हड्डी से जुड़े ऑपरेशन के काम में आती है। इस मशीन के जरिए डॉक्टर ऑपरेशन के दौरान हड्डी या अंदर की जगह को स्क्रीन पर देख पाते हैं। इसके जरिए माइनर से लेकर बड़ा ऑपरेशन किया जा सकता है। कौनसा स्क्रू, रॉड, कहां डालनी है यह इस मशीन के आधार पर ही लगाए जाते हैं।
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