{"_id":"597247d54f1c1bfb548b4748","slug":"advocates-boycott-the-court-of-nahab-tehsildar","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिवक्ताओं ने नायब तहसीलदार की कोर्ट का किया बहिष्कार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिवक्ताओं ने नायब तहसीलदार की कोर्ट का किया बहिष्कार
mau news
Updated Fri, 21 Jul 2017 11:58 PM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : hindustantimes
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ। तहसील सदर बार एसोसिएशन के कार्यकारिणी की बैठक शुक्रवार को संघ के पुस्तकालय भवन में संपन्न हुई। इसमें अधिवक्ताओं ने नायब तहसीलदार की कोर्ट में व्याप्त भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि तहसील सदर में नायब तहसीलदार की तीन कोर्ट कोपागंज, रतनपुरा और सदर है। तीनों कोर्ट में एक ही पीठासीन अधिकारी की तैनाती की गई है।
अधिवक्ताओं ने कहा कि कम अधिकारी के चलते वादकारियों को सस्ता और त्वरित न्याय नहीं मिल पा रहा है। जिससे वादकारियों में काफी क्षोभ है। बैठक में अधिवक्ताओं की राय लेने के बाद बार के अध्यक्ष बद्रीनाथ सिंह ने व्यवस्था दिया कि जब तक इस मसले पर अधिवक्ताओं की आम सभा की बैठक में कोई निर्णय नहीं लिया जाता है। तब तक अधिवक्ता इन तीनों न्यायालयों में न्यायिक कार्य नहीं करेगें। संचालन मंत्री बालमुकुंद सिंह ने किया। इस मौके पर उपाध्यक्ष रामनक्षत्र मिश्र, पंकज श्रीवास्तव, राजेश कुमार पांडेय, तेजबहादुर सिंह, जयशंकर गिरी, दिलीप गिरी आदि कार्यकारिणी के लोग शामिल रहे। इस संबंध में नायब तहसीलदार सदर शशिभूषण पाठक ने कहा कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद है। बोले वकीलों की मनमानी न चलने देने के कारण वो इस तरह का आरोप लगा रहें हैं।
विज्ञापन
अधिवक्ताओं ने कहा कि कम अधिकारी के चलते वादकारियों को सस्ता और त्वरित न्याय नहीं मिल पा रहा है। जिससे वादकारियों में काफी क्षोभ है। बैठक में अधिवक्ताओं की राय लेने के बाद बार के अध्यक्ष बद्रीनाथ सिंह ने व्यवस्था दिया कि जब तक इस मसले पर अधिवक्ताओं की आम सभा की बैठक में कोई निर्णय नहीं लिया जाता है। तब तक अधिवक्ता इन तीनों न्यायालयों में न्यायिक कार्य नहीं करेगें। संचालन मंत्री बालमुकुंद सिंह ने किया। इस मौके पर उपाध्यक्ष रामनक्षत्र मिश्र, पंकज श्रीवास्तव, राजेश कुमार पांडेय, तेजबहादुर सिंह, जयशंकर गिरी, दिलीप गिरी आदि कार्यकारिणी के लोग शामिल रहे। इस संबंध में नायब तहसीलदार सदर शशिभूषण पाठक ने कहा कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद है। बोले वकीलों की मनमानी न चलने देने के कारण वो इस तरह का आरोप लगा रहें हैं।
विज्ञापन