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जनपद स्तर पर उच्चीकृत होगा आदर्श कंपोजिट विद्यालय
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मऊ। जनपद स्तर पर एक आदर्श कंपोजिट विद्यालय तथा ब्लाक स्तर पर एक-एक अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय स्थापित होगा। बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित जनपद स्तर पर पूर्व से संचालित कंपोजिट विद्यालय आदर्श कंपोजिट विद्यालय तथा प्रत्येक विकासखंड स्तर में कंपोजिट विद्यालय को अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय के रूप में उच्चीकृत किया जाएगा। चयनित विद्यालय को मॉडल कॉलेज के रुप में विकसित किया जाएगा। साथ ही आधुनिक संसाधनों से लैस होगा। शासन के फरमान पर सर्वे की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
जिले में 293 कंपोजिट स्कूल हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों को उच्चकोटि के माहौल में शिक्षा देने की कवायद तेज हो गई है। कंपोजिट विद्यालयों को मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रथम चरण में जनपद स्तर पर एक कंपोजिट विद्यालय को पहली से बारहवीं तक आदर्श कंपोजिट विद्यालय तथा प्रत्येक ब्लाक पर पहली से आठवीं कक्षा तक कंपोजिट विद्यालय को अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय के रुप में विकसित किया जाएगा। यह मॉडल स्कूल अभ्युदय प्रयासों से जिला ही नहीं प्रदेश के अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणास्त्रोत का काम करेंगे। इन मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को विज्ञान, गणित एवं लैंग्वेज लैब, साइंस लैब, डिजिटल क्लासरूम, व्हाइट बोर्ड, स्टॉफ व बच्चों के लिए फर्नीचर, टाइल्स, शौचालय, खेल सामग्री सहित आधुनिक संसाधन उपलब्ध होंगे। विद्यालय के भवन भूकंपरोधी तथा पर्यावरण के अनुकूल होंगे। ऐसे विद्यालय भवनों को प्राथमिकता मिलेगी जहां भवन जीर्णशीर्ण हो गए हैं तथा पर्याप्त जमीन की उपलब्धता होगी। विभाग की तरफ से शासन के महत्वाकांक्षी योजना को मूर्त रुप दिया जाता है तो चयनित माडल स्कूल जिले के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे।
जनपद स्तर पर एक आदर्श कंपोजिट विद्यालय तथा ब्लाक स्तर पर एक-एक अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय स्थापित होगा। शासन के आदेश के क्रम में सर्वे प्रक्रिया चल रही है। खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। - अजीत तिवारी, जिला समन्वयक, निर्माण
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जिले में 293 कंपोजिट स्कूल हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों को उच्चकोटि के माहौल में शिक्षा देने की कवायद तेज हो गई है। कंपोजिट विद्यालयों को मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रथम चरण में जनपद स्तर पर एक कंपोजिट विद्यालय को पहली से बारहवीं तक आदर्श कंपोजिट विद्यालय तथा प्रत्येक ब्लाक पर पहली से आठवीं कक्षा तक कंपोजिट विद्यालय को अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय के रुप में विकसित किया जाएगा। यह मॉडल स्कूल अभ्युदय प्रयासों से जिला ही नहीं प्रदेश के अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणास्त्रोत का काम करेंगे। इन मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को विज्ञान, गणित एवं लैंग्वेज लैब, साइंस लैब, डिजिटल क्लासरूम, व्हाइट बोर्ड, स्टॉफ व बच्चों के लिए फर्नीचर, टाइल्स, शौचालय, खेल सामग्री सहित आधुनिक संसाधन उपलब्ध होंगे। विद्यालय के भवन भूकंपरोधी तथा पर्यावरण के अनुकूल होंगे। ऐसे विद्यालय भवनों को प्राथमिकता मिलेगी जहां भवन जीर्णशीर्ण हो गए हैं तथा पर्याप्त जमीन की उपलब्धता होगी। विभाग की तरफ से शासन के महत्वाकांक्षी योजना को मूर्त रुप दिया जाता है तो चयनित माडल स्कूल जिले के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे।
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जनपद स्तर पर एक आदर्श कंपोजिट विद्यालय तथा ब्लाक स्तर पर एक-एक अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय स्थापित होगा। शासन के आदेश के क्रम में सर्वे प्रक्रिया चल रही है। खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। - अजीत तिवारी, जिला समन्वयक, निर्माण
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