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अल्प समय के लोकप्रिय होते है अश्लील गीत: भरत
Updated Mon, 05 Nov 2018 01:18 AM IST
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घोसी। नगर के कस्बा बाजार स्थित पंडित गिरजाशंकर संगीत महाविद्यालय का वार्षिक संगीत समारोह शनिवार की रात किया गया। समारोह में महाविद्यालय के अलावा दूसरे विद्यालयों से आए कलाकारों ने आकर्षक प्रस्तुति देकर मौजूद लोगों को मन मोह लिया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अपर जिला जज की पत्नी सीता सिंह और गायक भरत शर्मा, पंडित गिरजाशंकर तिवारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा मां सरस्वती के चित्र के सामने पुष्प अर्पित और दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इसके बाद छात्रों जूही शर्मा, प्रिया शर्मा, वैष्णवी श्रीवास्तव, प्रियंका वर्मा, किरन भारद्वाज, प्रकृता आदि द्वारा सुंदर सरस्वती वंदना प्रस्तूत किया गया। वहीं आर्यन वारसी द्वारा राग भीमपलासी में प्रस्तुत गजल चुपके चुपके रात भर आंसू बहाता रहा की प्रस्तुती देकर लोगों को उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसीक्रम में प्रवीण पांडेय, आनन्दरत्न ने राग यमन में बड़ा ख्याल और छोटा ख्याल के साथ तराना प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। प्रशिक्षक चंद्रकांत ने ठुमरी ‘का करू सजनि आये न बालम’ सुनकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इसी क्रम में उभरते कलाकार उत्कर्ष चौबे ने ‘एक राधा एक मीरा’ सुनाकर देर तक तालिया बटोरी। इससे पहले कार्यक्रम को संबोधित मुख्य अतिथि भरत शर्मा व्यास ने कहा कि संगीत एक ऐसी कला है जो मनुष्य को उत्तम जीवन जीने की सीख देती है। संगीत से मनुष्य का मस्तिक तरोताजा रहता है, उन्होंने भोजपुरी के क्षेत्र में हो रही नैतिक गिरावट पर अफसोस जताते हुए कहा कि समाज में सदैव ऐसी संगीत प्रस्तुत करना चाहिए जो नई दिशा देने का कार्य करे। अश्लीलता और भद्दे गीत लोक प्रियता ला सकते हैं , लेकिन समाज में वह टिकाऊ और सकारात्मक नही हो सकता है। अपर जिला जज की पत्नी सीता सिंह ने भोजपुरी गीत पूर्वी सुनाकर अपनी माटी सोंधी सुगंध की खुशबू बिखेरी कार्यक्रम के आयोजक राजीव चौबे तथा संरक्षक गायक बलवंत सिंह ने सबका स्वागत करने के साथ सब के प्रति आभार व्यक्त किया।इसके बाद ग़जल गायक बलवंत सिंह, अलीशा वारसी, प्रशिक्षक चंद्रकांत, प्रबंधक राजीव चौबे आदि ने अपनी प्रस्तुती दी। इस अवसर पर सुनील कुमार, अंकित यादव, आशुतोष विश्वकर्मा, सर्वेश मिश्रा, अरविंद पाण्डेय, मनोज सिंह आदि उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा मां सरस्वती के चित्र के सामने पुष्प अर्पित और दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इसके बाद छात्रों जूही शर्मा, प्रिया शर्मा, वैष्णवी श्रीवास्तव, प्रियंका वर्मा, किरन भारद्वाज, प्रकृता आदि द्वारा सुंदर सरस्वती वंदना प्रस्तूत किया गया। वहीं आर्यन वारसी द्वारा राग भीमपलासी में प्रस्तुत गजल चुपके चुपके रात भर आंसू बहाता रहा की प्रस्तुती देकर लोगों को उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसीक्रम में प्रवीण पांडेय, आनन्दरत्न ने राग यमन में बड़ा ख्याल और छोटा ख्याल के साथ तराना प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। प्रशिक्षक चंद्रकांत ने ठुमरी ‘का करू सजनि आये न बालम’ सुनकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इसी क्रम में उभरते कलाकार उत्कर्ष चौबे ने ‘एक राधा एक मीरा’ सुनाकर देर तक तालिया बटोरी। इससे पहले कार्यक्रम को संबोधित मुख्य अतिथि भरत शर्मा व्यास ने कहा कि संगीत एक ऐसी कला है जो मनुष्य को उत्तम जीवन जीने की सीख देती है। संगीत से मनुष्य का मस्तिक तरोताजा रहता है, उन्होंने भोजपुरी के क्षेत्र में हो रही नैतिक गिरावट पर अफसोस जताते हुए कहा कि समाज में सदैव ऐसी संगीत प्रस्तुत करना चाहिए जो नई दिशा देने का कार्य करे। अश्लीलता और भद्दे गीत लोक प्रियता ला सकते हैं , लेकिन समाज में वह टिकाऊ और सकारात्मक नही हो सकता है। अपर जिला जज की पत्नी सीता सिंह ने भोजपुरी गीत पूर्वी सुनाकर अपनी माटी सोंधी सुगंध की खुशबू बिखेरी कार्यक्रम के आयोजक राजीव चौबे तथा संरक्षक गायक बलवंत सिंह ने सबका स्वागत करने के साथ सब के प्रति आभार व्यक्त किया।इसके बाद ग़जल गायक बलवंत सिंह, अलीशा वारसी, प्रशिक्षक चंद्रकांत, प्रबंधक राजीव चौबे आदि ने अपनी प्रस्तुती दी। इस अवसर पर सुनील कुमार, अंकित यादव, आशुतोष विश्वकर्मा, सर्वेश मिश्रा, अरविंद पाण्डेय, मनोज सिंह आदि उपस्थित रहे।
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