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धनुष टूटते ही जयश्रीराम के जयकारें से गूंजा पांडाल
Updated Sat, 25 Nov 2017 12:02 AM IST
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मऊ। हर वर्ष की भांति इस वर्ष नगर क्षेत्र के मड़ईयाघाट पर धनुष यज्ञ का आयोजन किया गया। इस अवसर रामलीला मंचन का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य रुप से धनुष भंग लीला के साथ परशुराम लक्ष्मण संवाद और रावण बाणासुर संवाद का मंचन किया गया। इस दौरान भगवान श्रीराम द्वारा जनकपुर में आयोजित स्वंवर में शिवधनुष तोड़ने की लीला का मंचन विस्ततार से किया गया।
प्रभु श्री राम के द्वारा जैसे ही धनुष को भंग किया गया, पूरा क्षेत्र जयश्रीराम के जयकारे से गूंज उठा, इसके बाद जानकी ने प्रभु के गले में वरमाला डाला। धनुष यज्ञ के इस कार्यक्रम के अवसर पर मड़ईया घाट पर मेले का आयोजन किया गया। इसमें श्रद्घालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। शीतकालीन लगने वाले इस मेले में आए लोगों ने जमकर व्यंजनों का लुफ्त उठाया। मेले में मुख्यरुप से संतोष सिंह, अवध बिहारी सिंह, विजय बहादुर सिंह आदि लोगों ने व्यवस्था की कमान संभाली।
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प्रभु श्री राम के द्वारा जैसे ही धनुष को भंग किया गया, पूरा क्षेत्र जयश्रीराम के जयकारे से गूंज उठा, इसके बाद जानकी ने प्रभु के गले में वरमाला डाला। धनुष यज्ञ के इस कार्यक्रम के अवसर पर मड़ईया घाट पर मेले का आयोजन किया गया। इसमें श्रद्घालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। शीतकालीन लगने वाले इस मेले में आए लोगों ने जमकर व्यंजनों का लुफ्त उठाया। मेले में मुख्यरुप से संतोष सिंह, अवध बिहारी सिंह, विजय बहादुर सिंह आदि लोगों ने व्यवस्था की कमान संभाली।
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