{"_id":"5b8c210742c7924657042c1f","slug":"51535910151-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विपरीत परिस्थितियों में भी करें भगवान की भक्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विपरीत परिस्थितियों में भी करें भगवान की भक्ती
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाजोपट्टी खैराबाद स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन पर रविवार को एक सत्संग का आयोजन किया गया। जिसमें महात्मा ने सुखी जीवन जीने के बारे में प्रवचन दिया।
सत्संग में महात्मा रामप्यारे ने कहा कि 84 लाख योनि में भटकने के बाद मनुष्य जीवन की प्राप्ति होती है। मनुष्य जीवन बड़े जतन के बाद मिलता है। मनुष्य को अपने जीवन में मुक्ति के लिए सत्कर्म करना करना चाहिए। लेकिन स्वार्थवश मनुष्य राह से भटक जाता है और माया- मोह के जंजाल में पड़ कर अपने समय को नष्ट कर देता है। अंत समय में मनुष्य को ईश्वर की याद आती है। मनुष्य जीवन में सुख व दु:ख दोनों आता है। दोनों ही परिस्थितियों में मनुष्य को धैर्य रखना चाहिए। इस मौके पर लालू, रामाश्रय कुमार, राहुल कुमार, सुदर्शन प्रसाद, कलावती, सुशीला आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सत्संग में महात्मा रामप्यारे ने कहा कि 84 लाख योनि में भटकने के बाद मनुष्य जीवन की प्राप्ति होती है। मनुष्य जीवन बड़े जतन के बाद मिलता है। मनुष्य को अपने जीवन में मुक्ति के लिए सत्कर्म करना करना चाहिए। लेकिन स्वार्थवश मनुष्य राह से भटक जाता है और माया- मोह के जंजाल में पड़ कर अपने समय को नष्ट कर देता है। अंत समय में मनुष्य को ईश्वर की याद आती है। मनुष्य जीवन में सुख व दु:ख दोनों आता है। दोनों ही परिस्थितियों में मनुष्य को धैर्य रखना चाहिए। इस मौके पर लालू, रामाश्रय कुमार, राहुल कुमार, सुदर्शन प्रसाद, कलावती, सुशीला आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन