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प्रधानमंत्री आवास आवंटन में घपला
Updated Tue, 23 Jan 2018 12:08 AM IST
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रतनपुरा। स्थानीय ब्लाक के नगवा गांव में सात अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास दे दिए गए । गांव के एक व्यक्ति की शिकायत पर कराई गई जांच में यह मामला उजागर हुआ। प्रकरण वर्ष 2016-17 का है। बीडीओ ने अपात्रों को दिए गए धन की वसूली करने का नोटिस जा्री कर दिया है। विभाग की इस कार्रवाई से पंचायत कर्मियों से लेकर अपात्र लाभार्थियों में हडकंप मच गया है।
रतनपुरा ब्लाक के नगवा ग्राम पंचायत में वर्ष 2016 -17 में 14 प्रधानमंत्री आवासों का लक्ष्य रखा गया था। गांव के 14 लोगों को ये आवास आवंटित कर दिए गए थे। सभी लाभार्थियों को प्रथम किश्त क रूप में 40 हजार रुपयों का भुगतान भी कर दिया गया था। इस बीच गांव के ही पूर्व सैनिक संगठन के पूर्व अध्यक्ष परमात्मानंद सिंह ने खंड विकास अधिकारी को शिकायती पत्र लिखकर आरोप लगाया कि गांव में कई ऐसे लोगों को प्रधानमंत्री आवास दे दिए गए हैं जिनके पास पहले से ही पक्के मकान हैं। ऐसे अपात्र लोगों के पास दैनिक उपयोग के ऐसे बहुत से संसाधन हैं जो कि प्रधानमंत्री आवास के लिए अर्ह पात्रों के लिएण् नियत गाइड लाइन के विपरीत हैं। शिकायत पर खंड विकास अधिकारी ने प्रकरण की जांच एडीओ कोआपरेटिव सत्यनारायण यादव को सौंपा। एडीओ ने गांव में पहुंचकर स्थलीय जांच किया और गांववासियों के बयान लिये। जांच अधिकारी ने पाया कि गांव में सात अपात्र लोगों को ये आवास आवंटित कर दिए गए हैं। जांच अधिकारी ने 15 जनवरी को सौंपी अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि गांव में बैजू , अमरनाथ , सत्यदेव , विश्वनाथ , आलादीन और नाजिर सहित सात अपात्र लोगों को आवास दे दिए गए हैं। इन सातों को शासन की गाइड लाइन की उपेक्षा करके आवास आवंटित कर दिए गए हैं। इस बाबत खंड विकासद अधिकारी फैसल आलम का कहना है कि सातों अपात्रों को प्रथम किश्त के रूप में दिए गए 40 हजार रुपयों की वसूली का नोटिस दे दिया गया है। इनमें से कई लोगों ने रकम वापस भी कर दी है।
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रतनपुरा ब्लाक के नगवा ग्राम पंचायत में वर्ष 2016 -17 में 14 प्रधानमंत्री आवासों का लक्ष्य रखा गया था। गांव के 14 लोगों को ये आवास आवंटित कर दिए गए थे। सभी लाभार्थियों को प्रथम किश्त क रूप में 40 हजार रुपयों का भुगतान भी कर दिया गया था। इस बीच गांव के ही पूर्व सैनिक संगठन के पूर्व अध्यक्ष परमात्मानंद सिंह ने खंड विकास अधिकारी को शिकायती पत्र लिखकर आरोप लगाया कि गांव में कई ऐसे लोगों को प्रधानमंत्री आवास दे दिए गए हैं जिनके पास पहले से ही पक्के मकान हैं। ऐसे अपात्र लोगों के पास दैनिक उपयोग के ऐसे बहुत से संसाधन हैं जो कि प्रधानमंत्री आवास के लिए अर्ह पात्रों के लिएण् नियत गाइड लाइन के विपरीत हैं। शिकायत पर खंड विकास अधिकारी ने प्रकरण की जांच एडीओ कोआपरेटिव सत्यनारायण यादव को सौंपा। एडीओ ने गांव में पहुंचकर स्थलीय जांच किया और गांववासियों के बयान लिये। जांच अधिकारी ने पाया कि गांव में सात अपात्र लोगों को ये आवास आवंटित कर दिए गए हैं। जांच अधिकारी ने 15 जनवरी को सौंपी अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि गांव में बैजू , अमरनाथ , सत्यदेव , विश्वनाथ , आलादीन और नाजिर सहित सात अपात्र लोगों को आवास दे दिए गए हैं। इन सातों को शासन की गाइड लाइन की उपेक्षा करके आवास आवंटित कर दिए गए हैं। इस बाबत खंड विकासद अधिकारी फैसल आलम का कहना है कि सातों अपात्रों को प्रथम किश्त के रूप में दिए गए 40 हजार रुपयों की वसूली का नोटिस दे दिया गया है। इनमें से कई लोगों ने रकम वापस भी कर दी है।
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