{"_id":"5acbaa994f1c1bf5618b67a1","slug":"41523296921-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भगवद भजन से मिट जाती है सारी बाधाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भगवद भजन से मिट जाती है सारी बाधाएं
Updated Mon, 09 Apr 2018 11:32 PM IST
विज्ञापन
मझवारा। स्थानीय बाजार के समीप स्थित बघउत बाबा स्थान पर सात दिवसीय रामचरित मानस प्रवचन सोमवार को विधि विधान से प्रारंभ हुआ।
इस दौरान अयोध्या से पधारे रामरक्षा दास महाराज ने कहा कि रामसत्ता सात जन्मों तक संरक्षित रहती है। जिसके घर प्रभु का भजन होगा उसके यहां सारी विघ्न व्याधि समाप्त हो जाएगी। नारद जी की मैया ऋषि मुनियों की सेवा करती थीं, उनका जूठन प्राप्त करके नारद जी परम भागवत देवर्षि हो गए। भरत जी राम जी के प्रेमी हैं। आदमी जहां रहता है वहीं सोचता है। सज्जन आदमी सज्जनता की, दुर्जन दुर्जनता की, साधु साधुता की, असाधु असाधुता की अर्थात जिसके चित्त मेें जो बात चलती है, उसी में घूमता रहता है। लेकिन भगवान सेवक की रुचि की रक्षा करते हैं। चातक पक्षी स्वाति नक्षत्र की एक बूंद पाने के लिए एक वर्ष का इंजजार करती है। भरत जी जैसा भाई सभी को मिले। भरत जी ने जड़ को चेतन बना दिया और चेतन को जड़। अपने परिवार की बुराई किसी अन्य से कभी नहीं करना चाहिए।
विज्ञापन
इस दौरान अयोध्या से पधारे रामरक्षा दास महाराज ने कहा कि रामसत्ता सात जन्मों तक संरक्षित रहती है। जिसके घर प्रभु का भजन होगा उसके यहां सारी विघ्न व्याधि समाप्त हो जाएगी। नारद जी की मैया ऋषि मुनियों की सेवा करती थीं, उनका जूठन प्राप्त करके नारद जी परम भागवत देवर्षि हो गए। भरत जी राम जी के प्रेमी हैं। आदमी जहां रहता है वहीं सोचता है। सज्जन आदमी सज्जनता की, दुर्जन दुर्जनता की, साधु साधुता की, असाधु असाधुता की अर्थात जिसके चित्त मेें जो बात चलती है, उसी में घूमता रहता है। लेकिन भगवान सेवक की रुचि की रक्षा करते हैं। चातक पक्षी स्वाति नक्षत्र की एक बूंद पाने के लिए एक वर्ष का इंजजार करती है। भरत जी जैसा भाई सभी को मिले। भरत जी ने जड़ को चेतन बना दिया और चेतन को जड़। अपने परिवार की बुराई किसी अन्य से कभी नहीं करना चाहिए।