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कैसे होगी गेहूं की खेती: पीक आवर में सूखी पड़ी है इंदारा रजवाहा माइनर
Updated Mon, 04 Dec 2017 02:02 AM IST
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कोपागंज। शारदा सहायक खंड 32 से संबद्ध इंदारा रजवाहा से जुड़े कुलाबों में पानी न आने से सिचाई के अभाव में गेहू की फसल पर विपरीत असर पड़ रहा है। परेशान किसानों ने आला अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया, लेकिन नहर में पानी छोड़ने का आश्वासन देकर खानापूर्ति कर दी जा रही है। एक हफ्ते के अंदर विभाग द्वारा कुलाबों में पानी नहीं छोड़े जाने पर आंदोलन करने का अल्टीमेटम दिया है।
शारदा सहायक खंड 32 इंदारा रजवाहा से कोपागंज विकास खंड क्षेत्र के भदसामानोपुर, सेंदुराईच, पारा मुबारकपुर, कनियारीपुर, भेलाबांध, फिरोजपुर, लैरोदोनवार, हसनपुर,चेरूइया, माफ़ी लाड़नपुर, कोपाकोहना, जयरामगढ़ सहित दर्जनों गांवों के सैकड़ों एकड़ उपजाऊं जमीन की सिंचाई की जाती है। अगेती रबी की फसल सिंचाई योग्य हो गई है, लेकिन
विभाग द्वारा पानी न छोड़ेजाने के चलते कुलाबों से सटे किसानों द्वारा गेहूं की फसल सिंचाईके अभाव में पीली पड़ रही है। शिकायत के बाद भी नहर में पानी न छोड़े जाने से लोग आंदोलित हैं। इस संबंध में क्षेत्र के किसान जयमंगल, राजदेव, सुरेश, मोती, प्यारेलाल, चंद्रभान, अनुराग, सतीश, जयवर्धन, जयनाथ,सतेंद्र का कहना है किकर्ज लेकर गेहूं की बुआई कराया गया। अब सिंचाई योग्य फसल हुई तो नहर में पानी ही नहीं आ रहा है। सिचाई के अभाव में फसल पीली पड़ रही है। पानी छोड़े जाने को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया बावजूद पानी नहीं छोड़ा गया। अगर एक हफ्ते के अंदर विभाग द्वारा कुलाबों में पानी नहीं छोड़ा गया तो हम लोग आंदोलन तेज करने को बाध्य हो जाएंगे।
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शारदा सहायक खंड 32 इंदारा रजवाहा से कोपागंज विकास खंड क्षेत्र के भदसामानोपुर, सेंदुराईच, पारा मुबारकपुर, कनियारीपुर, भेलाबांध, फिरोजपुर, लैरोदोनवार, हसनपुर,चेरूइया, माफ़ी लाड़नपुर, कोपाकोहना, जयरामगढ़ सहित दर्जनों गांवों के सैकड़ों एकड़ उपजाऊं जमीन की सिंचाई की जाती है। अगेती रबी की फसल सिंचाई योग्य हो गई है, लेकिन
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विभाग द्वारा पानी न छोड़ेजाने के चलते कुलाबों से सटे किसानों द्वारा गेहूं की फसल सिंचाईके अभाव में पीली पड़ रही है। शिकायत के बाद भी नहर में पानी न छोड़े जाने से लोग आंदोलित हैं। इस संबंध में क्षेत्र के किसान जयमंगल, राजदेव, सुरेश, मोती, प्यारेलाल, चंद्रभान, अनुराग, सतीश, जयवर्धन, जयनाथ,सतेंद्र का कहना है किकर्ज लेकर गेहूं की बुआई कराया गया। अब सिंचाई योग्य फसल हुई तो नहर में पानी ही नहीं आ रहा है। सिचाई के अभाव में फसल पीली पड़ रही है। पानी छोड़े जाने को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया बावजूद पानी नहीं छोड़ा गया। अगर एक हफ्ते के अंदर विभाग द्वारा कुलाबों में पानी नहीं छोड़ा गया तो हम लोग आंदोलन तेज करने को बाध्य हो जाएंगे।
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