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Mau: नाबालिग के साथ दुष्कर्म के दोषी को 30 वर्ष का कठोर कारावास, 35 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया

Tue, 26 Jul 2022 05:21 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ Published by: उत्पल कांत Updated Tue, 26 Jul 2022 05:21 PM IST
सार

मऊ में दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने दोषी को 30 वर्ष के कठोर कारावास और 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट ने अर्थदंड जमा हो जाने पर 20 हजार रुपये पीड़िता को देने का निर्देश दिया।
 

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30 years rigorous imprisonment for raping minor in mau
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजवीर सिंह ने 9 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में सुनील चौहान को सुनवाई के बाद मंगलवार को दोषी पाया। उसे 30 वर्ष के कठोर कारावास और 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोर्ट ने अर्थदंड जमा हो जाने पर 20 हजार रुपये पीड़िता को देने का निर्देश दिया।

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मामला मऊ जिले के हलधरपुर थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा की 9 वर्षीय लड़की के साथ आरोपी ने 25 जून 2020 को दुष्कर्म किया। वादी की तहरीर के आधार पर मामले में हलधरपुर थाना क्षेत्र के छत्तरपुर गांव निवासी सुनील चौहान पुत्र लीशु चौहान को आरोपी बनाया गया। पुलिस ने बाद में विवेचना आरोपपत्र कोर्ट में प्रेषित किया।
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कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार मिश्रा और रामचंद्र चौहान ने कुल 6 गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद सुनील चौहान को धारा 354 बी, 376 भादवि व धारा 6 व 10 पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाया।
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सुनील चौहान को धारा 6 पाक्सो एक्ट में 30 वर्ष का कठोर कारावास की सजा के साथ ही 25,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाया। वहीं धारा 10 पॉक्सो एक्ट मे 6 वर्ष की सजा के साथ ही 10,000 रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर 2 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं अर्थदंड जमा हो जाने पर 20 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया।

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