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चार दंपती साथ-साथ रहने को हुए राजी
Updated Mon, 02 Jul 2018 12:48 AM IST
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चार दंपती सपुलिस लाइन स्थित महिला थाने में रविवार को परिवार परामर्श केंद्र की हुई बैठक में चार दंपती सभी मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को राजी हो गए। केंद्र में रविवार को 27 में 11 मामलों का निस्तारण हुआ। जबकि शेष मामलों में बैठक की अगली तिथि आठ जुलाई नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया।
परिवार परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से पूजा और नरेंद्र, करिश्मा और तबस्सुम आरा, रीना और रामबचन, भारती और अंकुर ने अपने मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को राजी हो गए। वही निधि दूबे और रमाशंकर यादव के मामले में पक्षकारो के बीच सुलह न होने के चलते पत्रावली अग्रिम कार्यवाही के लिए अग्रसारित कर दी गई। वही संगीता और ओमप्रकाश, नूसरत जहां और मोहम्मद फारुख, परमदेई और राजदेव, सविता और सुधीर, सुरेश और संजय तथा लालसा देवी और सिताबी के मामले में पक्षकारों के लगातार अनुपस्थित रहने तथा कोर्ट में मामला लंबित होने के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई। इस दौरान नौ मामलों में कोई पक्षकार उपस्थित नहीं हुआ वही सात मामलों में पक्षकारों ने सुलह के लिए समय की मांग किया। जिस पर सात मामलों में आठ जुलाई तथा नौ मामलों में 15 जुलाई की तिथि नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया।
बैठक में परामर्श केंद्र के सदस्यगण सर्वेश दूबे, डा. एमए खान, विनोद कुमार सिंह, अर्चना उपाध्याय, दीवान चंदा सिंह, महिला आरक्षी गीता देवी और प्रियंका सिंह ने अपना योगदान दिया। इस मौके पर काफी संख्या में पक्षकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।
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परिवार परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से पूजा और नरेंद्र, करिश्मा और तबस्सुम आरा, रीना और रामबचन, भारती और अंकुर ने अपने मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को राजी हो गए। वही निधि दूबे और रमाशंकर यादव के मामले में पक्षकारो के बीच सुलह न होने के चलते पत्रावली अग्रिम कार्यवाही के लिए अग्रसारित कर दी गई। वही संगीता और ओमप्रकाश, नूसरत जहां और मोहम्मद फारुख, परमदेई और राजदेव, सविता और सुधीर, सुरेश और संजय तथा लालसा देवी और सिताबी के मामले में पक्षकारों के लगातार अनुपस्थित रहने तथा कोर्ट में मामला लंबित होने के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई। इस दौरान नौ मामलों में कोई पक्षकार उपस्थित नहीं हुआ वही सात मामलों में पक्षकारों ने सुलह के लिए समय की मांग किया। जिस पर सात मामलों में आठ जुलाई तथा नौ मामलों में 15 जुलाई की तिथि नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया।
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बैठक में परामर्श केंद्र के सदस्यगण सर्वेश दूबे, डा. एमए खान, विनोद कुमार सिंह, अर्चना उपाध्याय, दीवान चंदा सिंह, महिला आरक्षी गीता देवी और प्रियंका सिंह ने अपना योगदान दिया। इस मौके पर काफी संख्या में पक्षकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।
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